नेता एप ने देश में लॉकडान के तीसरी बार लागू होने से पहले एक सर्वेक्षण किया था। जिसमें जनता से लॉकडाउन हटाने और विस्तार को लेकर सवाल पूछे गए थे। सर्वेक्षण के निष्कर्षों के आधार पर 68 प्रतिशत नागरिकों को लगता है कि लॉकडाउन को हटाने से देश भर में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि होगी। जबकी केवल 54 प्रतिशत नागरिकों ने कहा कि वे लॉकडाउन का विस्तार का समर्थन करेंगे।
लॉकडाउन के लिए समर्थन निम्न आय वर्ग के लोग सबसे कम हैं। जबकि मध्यम और उच्च आय वर्ग के अधिकांश उत्तरदाता लॉकडाउन को जारी रखना चाहते हैं। निम्न आय वर्ग के लगभग 72 प्रतिशत उत्तरदाता चाहते हैं कि लॉकडाउन को हटा दिया जाए, जबकि मध्यम और उच्च आय वर्ग दोनों से 60 फीसदी से अधिक उत्तरदाता लॉकडाउन जारी रखना चाहते हैं।
यह इंगित करता है कि महामारी निम्न आय वर्ग को सबसे अधिक प्रभावित कर रही है, जो यह जानने के बावजूद कि लॉकडाउन हटने से कोरोना के मामलों में उछाल लाएगा, वह वापस काम पर लौटना चाहता है। दूसरी ओर, मध्यम और उच्च-आय वर्ग के लोग सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं और लॉकडाउन को जारी रखने के समर्थन में हैं।
मुंबई, दिल्ली-एनसीआर और इंदौर, जो सबसे अधिक महामारी की चपेट में आए हैं। इन शहरों के लोग लॉकडाउन के विस्तार का समर्थन कर रहे हैं। 22,000 से अधिक लोगों ने इस सर्वेक्षण में भाग लिया। 30 अप्रैल से 31 अप्रैल 2020 के बीच 20 शहरों में नेता एप द्वारा यह सर्वे किया गया।