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Nepal: माधव कुमार नेपाल ने सरकार में शामिल होने की संभावना से किया इनकार, 9 जनवरी को संसद का पहला सत्र

Mon, 02 Jan 2023 06:56 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू

सार

संसद सचिवालय के प्रवक्ता रोजनाथ पांडे ने कहा, "प्रधानमंत्री ने 10 जनवरी को संसद के एजेंडे में विश्वास मत के विषय को शामिल करने के लिए एक पत्र भेजा है।"
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KP sharma OLI and Pushp Kamal Dahal - फोटो : Nepal Mountain News (सांकेतिक)
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और सीपीएन (यूनिफाइड सोशलिस्ट) के अध्यक्ष माधव कुमार नेपाल ने सोमवार को प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' के नेतृत्व वाली सीपीएन (माओवादी सेंटर) नीत सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया। नेपाल ने सोमवार को एक बैठक की, जिसमें उन्होंने कहा कि CPN (यूनिफाइड सोशलिस्ट) राष्ट्र और उसके लोगों के हितों के अनुरूप आगे बढ़ेगा। नेपाल ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में पार्टी अच्छा कर रही है और वह किसी का सामना करने या किसी पर आरोप लगाने के पक्ष में नहीं है।

उन्होंने पार्टी के सदस्यों से एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन की आवश्यकता को समझने के लिए कहा क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली द्वारा 2021 में संसद भंग करने के बाद पार्टी के भीतर रहकर समस्याओं को हल करने के उनके प्रयास विफल हो गए थे। उन्होंने कहा कि पार्टी देश में ताजा राजनीतिक घटनाक्रम की समीक्षा भी करेगी।
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Nepal Politics: Pushp Kamal Dahal - फोटो : Agency (File Photo)
10 जनवरी को संसद में विश्वास मत हासिल करेंगे 'प्रचंड'
नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' ने 10 जनवरी को संसद में विश्वास मत हासिल करने का निर्णय लिया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी केंद्र के नेता प्रचंड ने 26 दिसंबर को तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में पद की शपथ ली थी। उन्होंने नाटकीय रूप से नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले चुनाव पूर्व गठबंधन से बाहर निकलकर विपक्ष के नेता केपी शर्मा ओली से हाथ मिला लिया था। 68 वर्षीय नेता ने सोमवार को संसद सचिवालय से 10 जनवरी को संसद में विश्वास मत के एजेंडे को पेश करने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया। 
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Nepal Parliament - फोटो : Social Media
प्रधानमंत्री ने संसद सचिवालय को भेजा पत्र
संसद सचिवालय के प्रवक्ता रोजनाथ पांडे ने कहा, "प्रधानमंत्री ने 10 जनवरी को संसद के एजेंडे में विश्वास मत के विषय को शामिल करने के लिए एक पत्र भेजा है।" संवैधानिक प्रावधान है कि प्रधानमंत्री बनने वाले व्यक्ति को पद की शपथ लेने के एक महीने के भीतर विश्वास मत हासिल करना होगा।  
 

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Bidhya Devi Bhandari - फोटो : PTI
9 जनवरी को नई संसद का पहला सत्र
हिमालयी देश में 20 नवंबर को चुनाव हुए थे। राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने 9 जनवरी को नई संसद का पहला सत्र बुलाया है। नए प्रधानमंत्री के रूप में प्रचंड की नियुक्ति के बाय यह पहला संसद सत्र होगा। 
 
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nepal election - फोटो : Agency (File Photo)
प्रचंड को हासिल है सात पार्टियों का समर्थन
प्रचंड को 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 169 सदस्यों का समर्थन दिखाते हुए राष्ट्रपति भंडारी को एक पत्र सौंपने के बाद नए प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था। सदन में स्पष्ट बहुमत के लिए उन्हें 138 मतों की जरूरत थी। उन्हें ओली की नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी-यूनिफाइड मार्किस्ट-लेनिनिस्ट और नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) सहित सात पार्टियों का समर्थन हासिल है। 
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