फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

West Bengal: कोलकाता में मना नेपाली भाषा मान्यता दिवस, साहित्य और भाषा सेवा से जुड़े कई चेहरे सम्मानित

Mon, 24 Aug 2026 07:32 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी डिजिटल ब्यूरो ,अमर उजाला, कोलकाता

सार

कोलकाता में नेपाली भाषा मान्यता दिवस भव्य रूप से मनाया गया। कार्यक्रम में नेपाली भाषा के संवैधानिक संघर्ष और भारतीय भाषाओं के आपसी संबंधों पर चर्चा हुई। साहित्य, खेल, शिक्षा और भाषा सेवा में योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। 
विज्ञापन
कोलकाता में सजी नेपाली भाषा और संस्कृति की महफिल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नेपाली भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने के ऐतिहासिक संघर्ष और देश की भाषाई-सांस्कृतिक विविधता के सम्मान में कोलकाता में नेपाली भाषा मान्यता दिवस भव्य रूप से मनाया गया। लैनसिंह बाङ्देल साहित्य कला प्रतिष्ठान और भारतीय भाषा परिषद के संयुक्त आयोजन में साहित्य, भाषा, कला, खेल और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नेपाली भाषा के विकास और भारतीय भाषाओं के बीच आपसी संबंधों पर भी चर्चा हुई।
विज्ञापन


कार्यक्रम की अध्यक्षता देविका मोक्तान ने की। भारतीय भाषा परिषद के कार्यकारी सदस्य आशीष झुनझुनवाला मुख्य अतिथि रहे, जबकि परिषद के वित्त सचिव घनश्याम सुगला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के भारतीय नेपाली भाषा विभाग से जुड़े डॉ. दिवाकर प्रधान, दार्जिलिंग के वरिष्ठ कवि केवलचंद्र लामा, कालेबुंग की अंतरराष्ट्रीय धाविका रोशनी राई और असम के वरिष्ठ साहित्यकार व भाषा आंदोलन से जुड़े पुष्पधर शर्मा सहित अनेक साहित्यकार, बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए।

अतिथियों और अध्यक्ष ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रतिष्ठान के सहसचिव प्रो. अशेष लिम्बू ने स्वागत भाषण दिया। डॉ. दिवाकर प्रधान ने भारतीय नेपाली और हिंदी भाषाओं के पारस्परिक संबंधों पर शोधपत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने भारतीय भाषाओं के बीच संवाद, साहित्यिक आदान-प्रदान और बहुभाषी सांस्कृतिक परंपरा को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन


साहित्य, खेल और भाषा सेवा के लिए सम्मान
इस अवसर पर दार्जिलिंग के वरिष्ठ कवि केवलचंद्र लामा को छठे लैनसिंह बाङ्देल स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें पुष्पहार, शिरोभूषण, अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और सम्मान पत्र प्रदान किया गया। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. दिवाकर प्रधान को प्रभात साहित्य सम्मान दिया गया। अंतरराष्ट्रीय धाविका रोशनी राई को वीर खड़्गबहादुर सिंह विष्ट स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। साहित्यकार और भाषा संघर्ष से जुड़े पुष्पधर शर्मा को मातृभाषा सेवाश्री सम्मान प्रदान किया गया।

दार्जिलिंग निवासी यमिक सरस्वती को भारतीय विद्यालय प्रमाणपत्र परीक्षा में देश में तीसरा स्थान हासिल करने पर सरस्वती प्रतिभा शिक्षा सम्मान से नवाजा गया। कार्यक्रम में चार पुस्तकों—‘प्रभात का कौस्तुभ विशेषांक’, केवलचंद्र लामा की ‘केवालय’, नीमा मोक्तान निष्कर्ष की ‘मास महिमा’ और प्रयास तामांग की ‘आमा र खुकुरी’—का लोकार्पण भी किया गया।

कार्यक्रम में यादवपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने गीत प्रस्तुत किए, जबकि लेडी ब्रेबोर्न कॉलेज की छात्राओं ने नृत्य पेश किया। नेपाली, हिंदी और बांग्ला भाषाओं के कवियों ने कविता पाठ कर भारत की बहुभाषी साहित्यिक परंपरा को जीवंत किया। चित्रकला प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के सौ से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। नेपाली कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, दार्जिलिंग की अंजलि थामी ने पहला स्थान हासिल किया। कार्यक्रम का संचालन नीमा मोक्तान निष्कर्ष ने किया, जबकि अध्यक्ष देविका मोक्तान ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

प्रमुख सम्मान
  • केवलचंद्र लामा — छठा लैनसिंह बाङ्देल स्मृति पुरस्कार
  • डॉ. दिवाकर प्रधान — प्रभात साहित्य सम्मान
  • रोशनी राई — वीर खड़्गबहादुर सिंह विष्ट स्मृति सम्मान
  • पुष्पधर शर्मा — मातृभाषा सेवाश्री सम्मान
  • यमिक सरस्वती — सरस्वती प्रतिभा शिक्षा सम्मान
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें