आंध्र प्रदेश सरकार में तत्कालीन मंत्री कारुमूरी वेंकटा नागेश्वर राव ने अपने बेटे कारुमूरी सुनील कुमार के साथ मिलकर शराब ट्रांसपोर्टेशन घोटाला किया। सरकारी खजाने को 195.33 करोड़ की चपत लगा दी गई। आरोपी मंत्री ने अपने राजनीतिक प्रभाव और शराब ट्रांसपोर्टेशन सिंडिकेट के सदस्यों - खासकर केसीरेड्डी राजा शेखर रेड्डी, तुकेकुला ईश्वर किरण कुमार रेड्डी और डोंटीरेड्डी वासुदेवा रेड्डी - के साथ करीबी संबंधों का फायदा उठाते हुए शराब ट्रांसपोर्टेशन के सब-कॉन्ट्रैक्ट के आवंटन पर काफी नियंत्रण रखा। इसके जरिए भारी गैर-कानूनी वित्तीय लाभ कमाया गया। ईडी ने सिविल सप्लाई विभाग के पूर्व मंत्री एवं विधायक करुमुरी वेंकट नागेश्वर राव को गिरफ़्तार किया है। हैदराबाद की स्पेशल कोर्ट ने पूर्व मंत्री को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
ये कंपनियां तो सिर्फ दिखावे के लिए थीं
ईडी ने आंध्र प्रदेश सरकार के अतिरिक्त सचिव (सतर्कता) की शिकायत पर सीआईडी, आंध्र प्रदेश द्वारा आईपीसी, 1860 और बीएनएस, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है। यह मामला एपीएसबीसीएल शराब ट्रांसपोर्टेशन घोटाले में सरकारी खजाने को 195.33 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है। आंध्र प्रदेश स्टेट बेवरेजेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एपीएसबीसीएल) के शराब ट्रांसपोर्ट टेंडर की शर्तों को जानबूझकर कुछ चुनिंदा कंपनियों-मेसर्ज सिग्मा सप्लाई चेन सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (एसएससीएसपीएल) और बाद में मेसर्ज प्रसाद ट्रांसपोर्ट्स के फायदे के लिए बदल दिया गया। ये कंपनियां सिर्फ दिखावे के लिए थीं, जबकि असल ऑपरेशनल और फाइनेंशियल कंट्रोल केसीरेड्डी राजा शेखर रेड्डी, डोंटीरेड्डी वासुदेवा रेड्डी और उनके सहयोगियों से जुड़े लोगों के पास था।
गैर-कानूनी कमाई का निकाला ये तरीका
शराब कार्टेल ने आंध्र प्रदेश राज्य में डिपो से रिटेल आउटलेट तक शराब के ट्रांसपोर्टेशन से गैर-कानूनी कमाई करने का एक तरीका निकाला था। केसीरेड्डी राजा शेखर रेड्डी, तुकेकुला ईश्वर किरण कुमार रेड्डी और अंजनी कुमार ने एपीएसबीसीएल के तत्कालीन मैनेजिंग डायरेक्टर डोंटीरेड्डी वासुदेवा रेड्डी के साथ मिलकर अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल किया। मौजूदा दरों से काफी ज़्यादा दामों पर शराब ट्रांसपोर्टेशन का टेंडर हासिल किया। इससे अपराध की कमाई का सिलसिला शुरू हुआ। जांच से पता चला कि एसएससीएसपीएल का इस्तेमाल टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने और हेरफेर वाली टेंडर प्रक्रिया के ज़रिए कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए एक मुखौटा कंपनी (फ्रंट एंटिटी) के तौर पर किया गया था। हालांकि, ट्रांसपोर्टेशन के काम का असल निष्पादन और ऑपरेशनल कंट्रोल तुकेकुला ईश्वर किरण कुमार रेड्डी उर्फ किरण कुमार और उनके सहयोगियों द्वारा किया जाता था, जो केसीरेड्डी राजा शेखर रेड्डी उर्फ राज की सीधी देखरेख और नियंत्रण में काम करते थे।
डमी सब-कॉन्ट्रैक्टर की ली गई मदद
कारुमूरी वेंकटा नागेश्वर राव ने अपने बेटे कारुमूरी सुनील कुमार के साथ मिलकर, अपने राजनीतिक प्रभाव और शराब ट्रांसपोर्टेशन सिंडिकेट के सदस्यों - खासकर केसीरेड्डी राजा शेखर रेड्डी, तुकेकुला ईश्वर किरण कुमार रेड्डी और डोंटीरेड्डी वासुदेवा रेड्डी - के साथ करीबी संबंधों का फायदा उठाते हुए शराब ट्रांसपोर्टेशन के सब-कॉन्ट्रैक्ट के आवंटन पर काफी नियंत्रण रखा। इसके जरिए भारी गैर-कानूनी वित्तीय लाभ कमाया गया। जांच से यह भी पता चला कि कारुमूरी वेंकटा नागेश्वर राव और उनके बेटे कारुमूरी सुनील कुमार ने शराब के ट्रांसपोर्टेशन के लिए एसएससीएसपीएल के डमी सब-कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर सुदर्शन कंस्ट्रक्शन्स को नियुक्त किया। असल में शराब का ट्रांसपोर्टेशन, कारुमूरी वेंकटा नागेश्वर राव और उनके बेटे कारुमूरी सुनील कुमार द्वारा नियुक्त अन्य संस्थाओं/व्यक्तियों द्वारा किया जाता था।
बढ़ा-चढ़ाकर इनवॉइस जारी किए गए
जांच में यह बात सामने आई है कि सुदर्शन कंस्ट्रक्शन्स ने एसएससीएसपीएल को बढ़ा-चढ़ाकर इनवॉइस जारी किए, ताकि फंड को अपने बैंक खातों में डायवर्ट किया जा सके। इस तरह मिले फंड को कारुमूरी वेंकटा नागेश्वर राव और उनके परिवार के सदस्यों के निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। इसके अलावा, ट्रांसपोर्टेशन से हुई कमाई का एक बड़ा हिस्सा सुदर्शन कंस्ट्रक्शन्स और उससे जुड़े लोगों द्वारा कारुमूरी वेंकटा नागेश्वर राव और उनके परिवार के सदस्यों के निजी खर्चों के लिए इस्तेमाल किया गया।
महंगी गाड़ियां, लग्जरी घड़ियां और संपत्ति खरीदी
अपराध से मिली रकम का इस्तेमाल कारुमूरी वेंकटा नागेश्वर राव और कारुमूरी सुनील कुमार ने महंगी गाड़ियां और लग्ज़री घड़ियां जैसी महंगी चीज़ें खरीदने, अचल संपत्ति खरीदने के लिए एडवांस पेमेंट करने, राजनीतिक फंडिंग और सीधे बैंक ट्रांसफर व कैश ट्रांज़ैक्शन के ज़रिए कई तरह के निजी और पारिवारिक खर्चों को पूरा करने में किया। इस तरह, उन्होंने अपराध से मिली रकम को असली बिज़नेस इनकम के तौर पर दिखाया। इससे पहले, ईडी ने 11.06.2026 को केसीरेड्डी राजा शेखर रेड्डी और डोंटीरेड्डी वासुदेवा रेड्डी को और 18.06.2026 को कारुमूरी वेंकटा नागेश्वर राव के बेटे कारुमूरी सुनील कुमार को गिरफ्तार किया था। पहले गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में हैं। इसके अलावा, 06.08.2026 को 37.79 करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त करने का प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया गया। गिरफ्तार किए गए तीनों लोगों और अन्य के खिलाफ़ विशेष अदालत में पहली प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दायर की गई है।