जताई संविधान को लेकर गलतफहमी जल्द दूर होने की उम्मीद
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नेपाल के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री कमल थापा ने भारत को अपना सबसे अच्छा दोस्त बताया है। साथ ही उन्होंने कहा कि नेपाल में कोई भी भारत की जगह नहीं ले सकता। हमारा संबंध सदियों पुराना है और यह ऐसे ही बना रहेगा। चीन से संबंधों के सवाल पर थापा ने कहा कि दूसरा पड़ोसी देश होने के नाते नेपाल और चीन की भी अपनी जरूरतें हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल चीन से बात करता है तो इसका यह अर्थ नहीं है कि वह भारत की कीमत पर चीन को साधने में जुटा है।
नेपाल के मौजूदा संविधान को लेकर गलतफहमी के मुद्दे पर थापा ने कहा कि जल्द ही यह दूर हो जाएगी। संविधान में मधेसियों के साथ न्याय न होने संबंधी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी संविधान सबको खुश नहीं कर सकता। प्रेस क्लब में मीडिया से बातचीत में थापा ने कहा कि दशकों की राजनीतिक अराजकता के बाद जब नेपाल ने अपना संविधान बनाया तो उसकी पीठ थपथपाने वाला पहला देश भारत था। मगर थोड़े समय बाद दोनों देशों के बीच गलतफहमी पैदा हो गई।
उन्होंने कहा कि खुद उनकी पार्टी ने वर्तमान संविधान के खिलाफ वोट दिया था, लेकिन व्यापक समर्थन को देखते हुए उनकी पार्टी ने इस संविधान को स्वीकार कर लिया। थापा ने कहा कि नेपाल का वर्तमान संविधान सभी धर्मों और वर्गों की हिफाजत करने वाला उदार संविधान है। थापा ने कहा कि जहां तक विरोध की बात है तो दुनिया का कोई भी संविधान सबको खुश नहीं कर सकता। एक सवाल के जवाब में थापा ने कहा कि भारत और नेपाल की गलतफहमी जल्द दूर होगी। वह खुद इस सिलसिले में छठी बार भारत आए हैं। जून और जुलाई के महीने में दोनों देशों के बीच दर्जनभर से अधिक द्विपक्षीय वार्ता होनी है। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि गलतफहमी दूर हो जाएगी।