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नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड आज भारत आएंगे, ये हो सकते हैं समझौते

Thu, 15 Sep 2016 04:32 AM IST
एजेंसी/नई दिल्ली
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मोदी और प्रचंड - फोटो : file photo
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नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड बृहस्पतिवार से भारत दौरे पर आ रहे हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बनने के बाद से यह उनका पहला विदेश दौरा है। यह दौरा दोनों ही देशों के लिए सामरिक दृष्टिकोण से अहम है क्योंकि पिछली सरकार के चीन के साथ नजदीकी रिश्ते के कारण रिश्तों में खटास आ गई थी।
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लेकिन प्रधानमंत्री बनने के साथ ही प्रचंड ने साफ कर दिया कि वह भारत और चीन दोनों से रिश्ते को प्रगाढ़ करना चाहते हैं। भारत भी नेपाली प्रधानमंत्री प्रचंड के दौरे को लेकर काफी आशान्वित है। भारत नए प्रधानमंत्री को ईस्ट-वेस्ट रेल लाइन बनाने में मदद और बंदरगाहों के उपयोग का प्रस्ताव दे सकता है।

भारत का चार दिनी दौरा शुरू होने से पहले प्रचंड ने कहा कि दोनों पक्ष रेलवे लाइनों के विस्तार पर चर्चा करेंगे। भारत पूर्वी नेपाल में मेची से पश्चिम में महाकाली तक रेल लाइन बिछाने में मदद करेगा।
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वित्तीय मामलों पर चर्चा करेंगे दोनों देश

भारतीय रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि नेपाल की 1030 किलोमीटर पूर्व-पश्चिम राजमार्ग के समानांतर एक रेल परियोजना पर अतीत में बातचीत हुई थी और इस पर दोनों देश राजी हो गए थे। इस बार दोनों देश इसके वित्तीय पहलुओं पर चर्चा करेंगे।

अभी भारत से नेपाल को जोड़ने वाली एकमात्र रेल लाइन जयनगर से जनकपुर तक है। प्रचंड एक और संभावित परियोजना हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्लांट को लेकर आशान्वित हैं और उन्होंने कहा कि भारतीय अनुदान सहायता से इसे बनाया जा सकता है।

पिछली ओली सरकार ने चीन तिब्बत रेल नेटवर्क को काठमांडू तक बढ़ाने के लिए चीन से समझौते किए थे। नेपाल ने इसके साथ चीनी कंपनियों के लिए आर्थिक जोन बनाने और पेट्रोलियम आयात के लिए दीर्घकालीन करार किए गए हैं।
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