नेपाल के वित्त मंत्री जनार्दन शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बुधवार को प्रतिनिधि सभा की बैठक को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। इस्तीफे के जर्नादन ने कहा कि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। मैं जांच समिति बनाने के सदन के फैसले का सम्मान करता हूं। मैंने जांच में सहयोग का फैसला किया है, इसलिए मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं।
जर्नादन पर वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में कर दरों में हेराफेरी करने का आरोप लगा था। उन पर यह भी आरोप था कि उन्होंने करों में बदलाव के लिए दो अनधिकृत व्यक्तियों को नियुक्त किया। इसके अलावा उन पर कुछ व्यावसायिक घरानों का पक्ष लेने और सीसीटीवी फुटेज छिपाने के प्रयास का भी आरोप लगा था।
जर्नादन मंत्रालय में कारोबारियों से मुलाकात करते हुए की फुटेज सीसीटीवी में कैद हो गई थी। विवाद के बाद उन्होंने फुटेज उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया था। उन्होंने तर्क दिया था कि केवल 13 दिनों की रिकॉर्डिंग को स्टोर करना संभव था।
पर्यटन उद्योग में अरबों निवेश कर अवैध कारोबार चला रहा चीन
दूसरी ओर चीन पर्यटन उद्योग में भारी निवेश करके नेपाल में अवैध तरीके से अपना कारोबार चला रहा है। महामारी के बाद नेपाल का पर्यटन क्षेत्र कोविड-19 महामारी के दौरान बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। चीन इस बात को अच्छे से जानता है। इसके बावजूद उसकी भारी निवेश की नीति उसके इरादों की कुछ और ही कहानी बयां करती है।
जानकारी के मुताबिक, चीनी व्यापारियों ने काठमांडो, ललितपुर, भक्तपुर, कास्की और चितवन सहित पर्यटन केंद्रों में 400 से अधिक होटलों और रेस्तरां में निवेश किया है। चीनी व्यापारियों ने अकेले पोखरा में 50 से अधिक रेस्तरां और अन्य व्यवसायों में निवेश किया है।
जहां नेपाल में संभावनाएं बहुत कम, वहीं किया निवेश
जानकारी के मुताबिक, चीन ने उन क्षेत्रों की छोटी परियोजनाओं में निवेश किया है, जहां नेपाल में संभावनाएं बहुत कम हैं। पर्यटन अधिनियम के अनुसार, होटल और लॉन्ज जैसे अतिथि गृहों को विदेशी पर्यटकों को उपलब्ध कराने और विदेशी मुद्रा में व्यापार करने के लिए पर्यटन विभाग से अनुमति प्राप्त करनी होती है।
पर्यटन व्यवसायी मानते हैं कि नेपाल में चीनी पर्यटकों की हिस्सेदारी अब 15 प्रतिशत से अधिक है। काठमांडो घाटी के अलावा, पर्यटकों या निवेशकों के रूप में नेपाल आने वाले चीनी नागरिकों ने विभाग से अनुमति लिए बिना ही लॉन्ज और निजी घरों को चितवन और लुंबिनी में विदेशी पर्यटकों को रखना शुरू कर दिया है।