Tribute to Pradeep Giri
- फोटो : Amar Ujala
जयप्रकाश को आदर्श मानने वाले थे प्रदीप गिरी
स्मृति सभा में शामिल लोगों ने प्रदीप गिरी को याद करते हुए कहा, नेपाल में लोकतंत्र बहाली के बड़े रहनुमा, बौद्धिक राजनेता और गांधी, लोहिया, जयप्रकाश को आदर्श मानने वाले समाजवादी साथी प्रदीप गिरी चिकित्सा के लिए दिल्ली और मुंबई भी आए थे। डॉक्टरों के जवाब दे देने के बाद काठमांडू लौट गए थे। बनारस, बीएचयू और सयुस की एक पीढ़ी से उनका आत्मीय नाता था। लोहिया व जयप्रकाश नेपाल की राजशाही के खिलाफ नेपाल की जमीन पर लड़ने गए थे। प्रदीप गिरी उस धारा के सच्चे उत्तराधिकारी थे। समाजवादी साथी की स्मृतियों के प्रति श्रद्धावनत है।
नेपाल के पीएम ने दी श्रद्धांजलि
प्रदीप गिरी कैंसर से पीड़ित थे। नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने गिरी के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपने शोक संदेश में गिरी को सच्चा और अच्छा नेता बताया, देउबा ने ट्वीट कर कहा, मैं अपने मित्र प्रदीप गिरी जी, नेपाली कांग्रेस के नेता और नेपाली राजनीति के एक दार्शनिक और समाजवादी विचारक के निधन की खबर से बहुत स्तब्ध हूं।उनके निधन से नेपाल ने एक सच्चे और अच्छे नेता को खो दिया है।
कैंसर से जूझ रहे थे प्रदीप गिरी
स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे गिरी ने कैंसर का पता चलने के बाद कई महीनों तक भारत में इलाज कराया। इलाज के बाद घर लौटने के कुछ देर बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ गई। हाल ही में, वह निमोनिया से पीड़ित थे। जिसके कारण कई अंग फेल हो गए थे। एक सप्ताह पहले गिरी की तबीयत खराब होने पर वेंटिलेटर सपोर्ट से उनका इलाज किया जा रहा था। उन्होंने कुछ दिन पहले लोगों को पहचानना और दूसरों से बात करना बंद कर दिया था। पूर्वी नेपाल के सिराहा में जन्मे गिरी ने भारत के जवाहरलाल विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री हासिल की। गिरी के पिता नेत्र लाल गिरि नेकां के नेता थे। अपने पिता से प्रेरित होकर वह 1961 में नेकां में शामिल हुए। पंचायती शासन के दौरान गिरी ने चार साल जेल में बिताए। वह नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच एक लोकप्रिय नेता थे। गिरी ने दो दर्जन से अधिक पुस्तकें भी लिखी हैं। एक गांधीवादी राजनेता जो मार्क्सवाद की व्याख्या कर सकते थे।