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Savarkar Row: संजय राउत बोले- सावरकर, नेहरू या किसी स्वाधीनता सेनानी को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए

Sat, 19 Nov 2022 06:14 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

राज्यसभा सदस्य ने शनिवार को कहा, पंडित नेहरू और सावरकर दोनों की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास बंद होना चाहिए। देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले स्वाधीनता सेनानी किसी एक विचारधारा या राजनीति दल से नहीं जुड़े हुए थे। 
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संजय राउत - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
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शिवसेना के उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने शनिवार को कहा कि विनायक दामोदर सावरकर, पंडित जवाहर लाल नेहरू या किसी अन्य स्वाधीनता सेनानी को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। 

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इससे पहले राउत ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सावरकर के बारे में विवादित टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा कि यह महाराष्ट्र में कांग्रेस, राकांपा और शिवसेना के महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन को प्रभावित कर सकता है। 

राज्यसभा सदस्य ने शनिवार को कहा, पंडित नेहरू और सावरकर दोनों की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास बंद होना चाहिए। देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले स्वाधीनता सेनानी किसी एक विचारधारा या राजनीति दल से नहीं जुड़े हुए थे। 
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राउत ने कहा कि सावरकर पर अपमानजनक टिप्पणी का जवाब नेहरू या किसी अन्य ऐतिहासिक व्यक्तित्व को निशाना बनाकर देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, सावरकर और अन्य सभी स्वाधीनता सेनानी हमारे लिए सम्माननीय हैं। उन्होंने आगे कहा कि ये नेता जीवित नहीं और अब वे अपना बचाव (डिफेंड) नहीं कर सकते। 

शिवसेना नेता ने आगे कहा, कोई सावरकर के बारे में बुरा बोलता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप नेहरू के बारे में भी नकारात्मक बातें करें। उन्होंने यह भी कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री के रूप में नेहरू ने सावरकर के 'वैज्ञानिक स्वभाव' (साइंटिफिक टैम्पर) को अपनाया और भारत को विकास के पथ पर ले गए। वरना, भारत दूसरा पाकिस्तान बन जाता..इसलिए भारत हमेशा नेहरू का ऋणी रहेगा। 

ठाकरे गुट की शिवसेना ओर से नाराजगी स्पष्ट होने के बावजूद महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने शनिवार को कहा, राहुल गांधी की आलोचना करने वालों को पहले यह बताना चाहिए कि हिंदुत्व के विचारक को अंग्रेजों से साठ रुपये पेंशन क्यों मिल रही थी?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस सप्ताह की शुरुआत में 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान महाराष्ट्र में यह दावा करते हुए विवाद खड़ा कर दिया था कि सावरकर ने अंग्रेजों की मदद की थी और डर के मारे दया याचिका लिखी थी। भाजपा ने राहुल की टिप्पणी को लेकर ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट को घेरने की कोशिश की। 
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