नगालैंड विधानसभा चुनाव में एनडीए गठनबंधन की दोबारा जीत के बाद राज्य में नई सरकार बनाने की तैयारी चल रही है। इसी कड़ी में आज नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा नई दिल्ली में भाजपा हाईकमान से मिलेंगे। बताया जा रहा है कि दोनों भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे और राज्य में सरकार गठन के संबंध में बातचीत होगी। बताया जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री पद और अन्य पदों के लिए भाजपा आलाकमान से बात होगी।
पूर्वोत्तर के लोगों ने पीएम मोदी पर भरोसा जताया
वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दोबारा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि मेघालय को छोड़कर एनडीए-बीजेपी ने दो राज्यों- त्रिपुरा और नगालैंड में दूसरी बार जीत हासिल की है। इससे यह पता चलता है कि हम लोकसभा में भी कम से कम 25-26 सीटें जीतेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में पीएम मोदी के प्रयासों की वजह से हमें जीत मिली है। हमने पूर्वोत्तर के लगभग सभी राज्यों में अपनी सफलता को दोहराया है।
सात मार्च को शपथ ग्रहण
वहीं, नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने शनिवार को पद से इस्तीफा दे दिया। वह सात मार्च को 5वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे। चार बार के मुख्यमंत्री रियो ने कोहिमा स्थित राजभवन में राज्यपाल ला गणेशन से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपा। उन्होंने ट्वीट किया, मेरा कार्यकाल समाप्त हो गया है, मैंने नगालैंड के मुख्यमंत्री के रूप में राज्यपाल ला गणेशन को इस्तीफा सौंप दिया है।
बता दें, इससे पहले एनडीपीपी (नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी) के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में सर्वसम्मति से नेफियू रियो को पार्टी विधायक दल का नेता चुना गया। रियो की एनडीपीपी ने नगालैंड विधानसभा चुनाव में 25 सीटें जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी भाजपा ने 12 सीटें जीतीं।
तृणमूल कांग्रेस और यूडीपी नेताओं ने की मुलाकात
उधर, मेघालय में राजनीतिक गहमा-गहमी के बीच तृणमूल कांग्रेस के मुकुल संगमा और यूडीपी के अध्यक्ष मेतवाह लिंग्दोह ने मुलाकात की है। दोनों की बैठक को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है। जानकारों के मुताबिक लोग चाहते हैं कि इस बार मुख्यमंत्री गारो से नहीं बल्कि खासी से हो।
मेघालय में नए समीकरण की सुगबुगाहट
मेघालय में सरकार बनाने का दावा करने के अगले ही दिन शनिवार को निवर्तमान मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा को बड़ा झटका लगा। कॉनराड ने शुक्रवार को ही 32 विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंपा था, लेकिन शनिवार को हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचएसपीडीपी) के दोनों ही विधायकों ने समर्थन वापस ले लिया है।