इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखकर नीट पीजी 2023 की कट ऑफ को 30 प्रतिशत तक कम रखने की मांग की है ताकि क्लीनिकल और नॉन क्लीनिकल दोनों ब्रांच की अधिकतर सीटें भर सकें। आईएमए ने पत्र में लिखा कि कट ऑफ कम करने से सुनिश्चित होगा कि बड़ी संख्या में इच्छुक डॉक्टर देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में दाखिला ले सकेंगे और एक भी सीट खाली नहीं रहेगी।
आईएमए ने लिखा कि 'पिछली कोविड लहरों के दौरान, जब देश आपातकाल की स्थिति में था और लोग मर रहे थे, तो डॉक्टरों ने अपना घर छोड़कर लोगों की सेवा की थी। अब समय आ गया है कि सरकार उनकी निस्वार्थ सेवा को पहचाने और नीट पीजी-2023 की कट ऑफ को कम करे।' पत्र के अनुसार, कट ऑफ कम ना होने से इच्छुक मेडिकल छात्र आगे की पढ़ाई के लिए विदेश जाने के लिए मजबूर होंगे और इससे देश में मेडिकल मैनपावर के पूल में कमी आएगी।
बता दें कि सामान्य/ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 2023 में नीट पीजी की कट ऑफ 50 प्रतिशत है। वहीं सामान्य पीडब्ल्यूबीडी श्रेणी में 45 प्रतिशत और एससी/एसटी/ओबीसी श्रेणी में कट ऑफ 40 प्रतिशत है। मेडिकल छात्रों को स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए इतनी न्यूनतम प्रतिशत नंबर लाने होते हैं।