मनी लांड्रिंग मामले पर अपीलेट ट्रिब्यूनल ने शुक्रवार को आदेश दिया कि नीरव मोदी और अन्य अपनी 21 अचल संपत्तियों का निपटारा किसी तीसरे पक्ष से नहीं करा सकते हैं। ये सभी पीएनबी और यूबीआई कंसोर्टियम के 6,498.20 करोड़ रुपये घोटाले के आरोपी हैं।
मनी लांड्रिंग एक्ट निवारण पर अपीलीय न्यायाधिकरण के अध्यक्ष न्यायाधीश मनमोहन सिंह ने कहा कि देश से भागने के कारण नीरव मोदी भरोसे लायक नहीं है। पैसे वसूलने के बैंकों के अधिकार की रक्षा भी करनी चाहिए। पीएनबी और यूबीआई कंसोर्टियम को राहत देते हुए जस्टिस सिंह ने कहा कि जहां तक अपीलकर्ता पंजाब नेशनल बैंक द्वारा अंतरिम आदेश की मांग की गई है।
न्यायाधीश सिंह ने कहा, 'मेरा मानना है कि नीरव मोदी, एमी नीरव मोदी और अन्य के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है। ये सभी 21 संपत्तियों के संबंध में जिम्मेदार हैं। इन परिस्थितियों में मैं नीरव मोदी व अन्य को आदेश देता हूं कि वे इस मामले में यथास्थिति बरकरार रखें।'