फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

AMAI ने चेताया, कहा- कीटाणुनाशक रसायानों का मानव शरीर पर सीधा प्रयोग हो सकता है नुकसानदेह

Wed, 22 Apr 2020 06:23 AM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
डिसइंफेक्शन टनल से निकालता एक शख्स। - फोटो : PTI
विज्ञापन

छार बनाने वाली कंपनियों के संगठन एएमएआई ने कीटाणुनाशक रसायनों को सीधे मानव शरीर पर उपयोग किये जाने को लेकर आगाह किया है और कहा है कि इससे नुकसान हो सकता है। एएमएआई (अलकली मैनुफैक्चरर्स एसोसएिशन ऑफ इंडिया) अलकली उद्योग का प्रतिनिधि निकाय हैं। इस क्षेत्र की कंपनियां सोडियम हाइपोक्लोराइट, क्लोरीन, ब्लीचिंग सोल्यूश/पाउडर जैसे रसायन बनाती है। इन रसायनों का काम कीटाणुओं को समाप्त करना है।

विज्ञापन


उद्योग संगठन ने मंगलवार को कहा कि मीडिया में कोरोना वायरस बीमारी को फैलने से रोकने के लिये सोडियम हाइपोक्लोराइट सोल्यूशंन और हाइड्रोजन परआक्साइड जैसे रसायानों के मानव शरीर पर उपयोग की रिपोर्ट है।



एएमएआई ने एक बयान में कहा, ‘सोडियम हाइपोक्लोराइट एक मजबूत कीटाणुनाशक है। इसका उपयोग घोल के रूप में फर्श और वस्तुओं को संक्रण मुक्त करने के लिये किया जाता है। मानव शरीर के इसके संपर्क में आने पर खुजलाहट, जलन और त्वचा की समस्या हो सकती है।’
विज्ञापन


इसी प्रकार, हाइड्रोजन परआक्साइड मजबूत ब्लीचिंग (किसी वस्तु को चमकाने में उपयोग होने वाला) एजेंट हैं। इसका वस्तुओं और फर्श पर उपयोग प्रतिबंधित होना चाहिए। संगठन ने कहा, ‘इन रसायनों का चेहरे पर उपयोग और खतरनाक हो सकता है. इससे मानव शरीर पर उपयोग से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।’

एएमएआई ने कहा कि विशेष प्रकार के चैंबर भी बनाने की रिपोर्ट है जिसका उपयोग वहां से लोगों को गुजारकर रसायनों के छिड़काव के जरिये उन्हें कीटाणु मुक्त बनाने में किया जा रहा है। उद्योग संगठन के अध्यक्ष जयंतीभाई पटेल ने कहा, ‘हम सरकार और स्थानीय निकायों से इन कीटाणुनाशक के सुरक्षित उपयोग को लेकर संपर्क कर रहे हैं।’

संगठन के अनुसार अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर हाथों को साफ रखने के लिये उपयोग करना चाहिए। शरीर के किसी भी अन्य हिस्से को केवल साबुन और पानी से ही साफ करना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें