फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

International Women's Day: 'ऐसे समाज की जरूरत, जहां धर्म, जाति के आधार पर भेदभाव न हो', नितिन गडकरी ने की अपील

Thu, 06 Mar 2025 06:52 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मुंबई में कमला अंकीबाई घमंडीराम गोवानी ट्रस्ट की तरफ से आयोजित 'लोकमाता अहिल्याबाई होलकर महिला सम्मान' समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शिरकत की है। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें एक ऐसे समाज की आवश्यकता है, जहां किसी को भी उसकी जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस से पहले अपील करते हुए कहा है कि, हमें एक ऐसे समाज की आवश्यकता है, जहां किसी को भी उसकी जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव का सामना न करना पड़े। उन्होंने ये बयान 'लोकमाता अहिल्याबाई होलकर महिला सम्मान' समारोह में महिलाओं को सम्मानित करते हुए दिया है। यह पुरस्कार मुंबई में मौजूद कमला अंकीबाई घमंडीराम गोवानी ट्रस्ट की तरफ से आयोजित किया गया।
विज्ञापन




'जहां योग्यता है, वहां महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं'
केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'हमें एक ऐसा समाज बनाना चाहिए, जहां लोगों को जाति, लिंग, धर्म या सामाजिक स्थिति के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी योग्यता और योगदान के आधार पर आंका जाए।' उन्होंने कहा कि अब दुनिया बदल चुकी है और महिलाओं को अपनी प्रतिभा को दिखाने में किसी प्रकार की सीमा महसूस नहीं करनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि अब 75 प्रतिशत शीर्ष प्रदर्शनकर्ता महिलाएं हैं, जो यह साबित करती हैं कि जहां योग्यता है, वहां महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं।



मनोहर लाल ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर बात की
इस दौरान केंद्रीय शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने भी महिलाओं के सशक्तिकरण पर बात की और हरियाणा में इस दिशा में हुए विकास का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान से हरियाणा में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। मनोहर लाल ने यह भी बताया कि उनके मुख्यमंत्री बनने के दौरान राज्य में महिलाओं के लिए 30 पुलिस स्टेशन बनाए गए थे, जो पूरी तरह से महिला अधिकारियों की तरफ से संचालित किए गए थे, ताकि महिलाएं अपनी समस्याओं को बिना किसी झिझक के रिपोर्ट कर सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें