वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने छात्र आंदोलनों में शामिल हो रहे जिहादी, अलगाववादी व माओवादी तत्वों से सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि देशभर में उनके इन प्रदर्शनों का आर्थिक एजेंडे पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बीते कुछ दिनों में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विभिन्न यूनिवर्सिटी में हो रहे प्रदर्शन के बाद सीतारमण का यह बयान आया।
वित्तमंत्री ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि बीती रात दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में क्या हुआ। वित्तमंत्री ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पार्टी ने देश की आजादी में मदद की, लेकिन स्वतंत्रता के बाद उसका एजेंडा राष्ट्र निर्माण न होकर केवल एक परिवार तक सीमित हो गया।
संशोधित नागरिकता कानून जैसे मुद्दों पर लोगों की भावनाओं को भड़काना विपक्षी दल की कुंठा को दर्शाता है। एक राजनीतिक दल होने के नाते यह सुनिश्चित करना चाहिए कि देश विरोधी ताकतों को रोका जाए। सीतारमण ने सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह छात्रों के लिए घड़ियाली आंसू बहा रही हैं। इंदिरा गांधी ने तो छात्रों को तिहाड़ भेजा था।
छात्रों का आंदोलन एक है, लेकिन उसमें जिहादी, अलगाववादी और माओवादी का शामिल होने अलग बात है। हमें इससे सतर्क रहना होगा। सीतारमण ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पूर्वोत्तर राज्यों की चिंता को लेकर वहां के नेताओं से बात कर रहे हैं।