नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित चौथे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में उन्होंने कहा, देश की पारंपरिक जल संचयन संरचनाओं जैसे कि जोहड़ों (तालाबों) को तीन आर यानी, रिड्यूस, रियूज और रिसाइकल के माध्यम से नए सिरे से पुनर्जीवित करना बेहद जरूरी है।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नागरिकों से जल संरक्षण को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने की अपील करते हुए कहा कि इसे जनांदोलन बनाया जाना चाहिए।
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नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित चौथे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में उन्होंने कहा, देश की पारंपरिक जल संचयन संरचनाओं जैसे कि जोहड़ों (तालाबों) को तीन आर यानी, रिड्यूस, रियूज और रिसाइकल के माध्यम से नए सिरे से पुनर्जीवित करना बेहद जरूरी है। पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति ने पंचायत, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के सभी जनप्रतिनिधियों से जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सहयोग की अपील की।
राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों और मौलिक कर्तव्यों की तरफ ध्यान आकर्षित करते हुए उन्होंने कहा, जल और पर्यावरण के संरक्षण पहलों का आम लोगों के जीवन पर गंभीर असर होता है। उन्होंने जल संरक्षण भारत की सभ्यतागत प्रकृति का अभिन्न पहलू बताते हए कहा, प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह प्रकृति के उपहारों का बुद्धिमता से उपयोग करे। समारोह उपराष्ट्रपति ने 11 श्रेणियों में 41 विजेताओं को सम्मानित किया गया। जल संरक्षण के संदेश को फैलाने के लिए राष्ट्रीय जल मिशन के शुभंकर- एनिमेटेड चरित्र पीकू की दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाली लघु फिल्म का भी उद्घाटन किया। इस मौके पर जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, जल शक्ति राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह, जल शक्ति मंत्रालय के सचिव पंकज और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।