फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CVC Report: सीबीआई जांच वाले भ्रष्टाचार के 6700 मामले अदालतों में लंबित, 275 मामले 20 साल पुराने

Thu, 25 Aug 2022 05:46 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

31 दिसंबर 2021 तक 6,697 मामले लंबित थे, जिनमें से 275 मामले 20 साल से अधिक पुराने हैं। इसके अलावा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कुल 10,974 अपील और संशोधन लंबित हैं।
विज्ञापन
सीबीआई - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, सीबीआई द्वारा जांचे गए लगभग 6,700 भ्रष्टाचार के मामले विभिन्न अदालतों में लंबित हैं, जिनमें से 275 मामले 20 वर्षों से अधिक समय से लंबित हैं। 31 दिसंबर 2021 तक कुल 1,939 मामले 10 से 20 साल, 2,273 मामले पांच से 10 साल, 811 मामले तीन से पांच साल और 1,399 मामले तीन साल से कम समय से लंबित हैं। सीवीसी की वार्षिक रिपोर्ट 2021 में कहा गया है कि आयोग सीबीआई के साथ मासिक बैठकों के दौरान विभिन्न अदालतों में लंबित मामलों का ब्यौरा लेता है।  

विज्ञापन


31 दिसंबर 2021 तक 6,697 मामले लंबित
31 दिसंबर 2021 तक 6,697 मामले लंबित थे, जिनमें से 275 मामले 20 साल से अधिक पुराने हैं। इसके अलावा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कुल 10,974 अपील और संशोधन लंबित हैं। कुल 9,935 अपीलों में से 9,698 हाई कोर्ट में और 237 सुप्रीम कोर्ट में थीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि हाई कोर्ट में 1,039 पुनरीक्षण याचिकाएं लंबित हैं। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित 10,974 अपील और पुनरीक्षण याचिकाओं में से 361 याचिकाएं 20 साल से अधिक, 558 याचिकाएं 15 साल से अधिक लेकिन 20 साल से कम, 1,749 याचिकाएं 10 से अधिक लेकिन 15 साल से कम, 3,665 याचिकाएं पांच साल से ज्यादा लेकिन 10 साल से कम, 2,818 याचिकाएं दो साल से ज्यादा लेकिन पांच साल से कम और 1,823 याचिकाएं दो साल से कम समय से लंबित हैं। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा भ्रष्टाचार के 645 मामले लंबित हैं। 35 मामले पांच साल से अधिक समय से लंबित हैं। कुल मामलों में से 60 मामले तीन साल से अधिक लेकिन पांच साल से कम, 71 मामले दो साल से अधिक लेकिन तीन साल से कम, 162 मामले एक साल से अधिक लेकिन दो साल से कम और 317 मामले एक साल से कम समय के लिए जांच के दायरे में हैं। आयोग ने कहा कि रिपोर्ट हाल ही में समाप्त हुए सत्र में संसद में पेश की गई और बुधवार को सार्वजनिक की गई।
विज्ञापन


549 सिविल सेवकों के खिलाफ 457 मामले दर्ज
सीबीआई ने 2021 में 221 राजपत्रित अधिकारियों सहित 549 सिविल सेवकों के खिलाफ 457 मामले दर्ज किए थे। इनमें से 504 का जांच से निस्तारण कर दिया गया। संघीय एजेंसी को आम तौर पर एक वर्ष के भीतर एक पंजीकृत मामले की जांच पूरी करनी होती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच पूरी होने का मतलब सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी मिलने के बाद जहां कहीं भी जरूरी हो, अदालतों में आरोप पत्र दाखिल करना होता है। आयोग ने पाया है कि कुछ मामलों में जांच पूरी करने में कुछ देरी हुई है। देरी के कारणों में कोविड-19 महामारी, काम की अधिकता, स्टाफ की कमी, अनुरोध पत्र के जवाब प्राप्त करने में देरी और दूर के स्थानों में रहने वाले गवाहों का पता लगाना जैसे मामले शामिल रहे।    

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें