मूसलाधार बारिश से आधा हिंदुस्तान बेहाल है। जहां गुजरात और असम के हालात बेहद खराब हैं तो गुजरात में बाढ़ के हालात का जायदा लेने के लिए सीएम विजय रूपानी ने हवाई दौरा भी किया। इस बीच NDRF की टीमें और वायु सेना के हेलिकॉप्टर को रेस्क्यू के लिए लगाया गया है। अबतक गुजरात में बाढ़ की वजह से 70 से अधिक लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है।
इस रेस्क्यू के दौरान करीब 25 हजार लोगों को सुरक्षित जगह ले जाया गया है। इनमें से बाढ़ आने से कई गांवों में फंसे करीब एक हजार लोगों को आर्मी, एयर फोर्स, सीमा सुरक्षा बल और राष्ट्रीय आपदा बल द्वारा बचाया गया है। करीब 10,300 लोग बनासकांठा जिले में और 9,790 लोगों को पाटन में सुरक्षित जगह ले जाया गया है और लगभग 2,800 बाढ़ प्रभावित लोगों को अहमदाबाद में पहुंचाया गया है।
गुजरात के धनेरा, दीसा और थारड कस्बों में बाढ़ से बुरा हाल है जहां बाढ़ का पानी घरों में पूरी तरह से घुस चुका है और सड़कों पर आवाजाही पर रोक लग चुकी है। अकेले धनेरा कस्बे में 6 घंटो में 235 मिलीमीटर की ऊंचाई तक पानी भर गया जिसके चलते दांतिवाड़ा, सुखभदर और सीपू बांधो के दरवाजें खोल दिए गए हैं।
वहीं राजस्थान की सीमा से सटे कुछ कस्बों में बाढ़ से बुरा हाल है। बाढ़ की स्थिति को देख बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की 6 अतिरिक्त टीमों को पुणे से बुलाया गया जबकि 14 टीमें पहले से ही बचाव राहत कार्य में लगी हुई हैं। बांसकांठा में इंडियन एयरफोर्स के दो हैलीकॉप्टर बाढ़ में फंसे परिवारों को बचाने के लिए भेजे गए। वहीं, लगातार भारी वर्षा और तेज हवाओं से बचाव कार्य में बाधा आ रही है।