उत्तर प्रदेश में दयाशंकर सिंह की पत्नी और बेटी के बारे में बसपा नेताओं की टिप्पणी को मुद्दा बनाने के बाद अब एनडीए पंजाब विधानसभा चुनाव में भी महिला सम्मान को मुद्दा बनाएगा। केंद्रीय फूड प्रोसेसिंग राज्य मंत्री हरसिमरत कौर बादल पर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणी को इसके लिए आधार बनाया जा रहा है।
भाजपा और अकाली दल अबतक कांग्रेस को ही पंजाब में अपना मुख्य प्रतिद्वंदी मानते हैं लिहाजा कांग्रेस को घेरने की रणनीति तैयार की जा रही है। हरसिमरत ने राज्यसभा उपसभापति से कांग्रेस नेताओं की शिकायत कर भावी सियासत के संकेत दे दिए हैं।
आंध्र प्रदेश को विशेष पैकेज दिए जाने संबंधी प्राइवेट मेंबर बिल पेस किए जाने के दौरान केंद्रीय मंत्री हरसिमरत पर कांग्रेस नेताओं ने टिप्पणी की थी और उन्हें बोलने से रोकने की कोशिश भी हुई। केंद्रीय मंत्री हरसिमरत का कहना है कि उनके खिलाफ जयराम रमेश, प्रताप सिंह बाजवा समेत अन्य कांग्रेस नेताओं ने आपत्तिजनक टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि मंत्री होने के नाते उन्हें राज्यसभा में भी बोलने का अधिकार है। लेकिन कांग्रेस नेताओं ने उन्हें लोकसभा का सदस्य होने को आधार बनाकर बोलने से रोका। इस क्रम में कांग्रेस नेताओं ने आक्रामक होकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
हरसिमरत ने कहा कि उन्होंने इस बाबत राज्यसभा के सभापति से कड़ी कार्रवाई के लिए शिकायत की है। पिछले 21जुलाई को भगवंत सिंह मान के मुद्दे पर सदन की कार्रवाई स्थगित होने पर कांग्रेस को जयराम रमेश ने उनके खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
मेरे बोलने की कोशिश पर कांग्रेस सदस्य हंगामा करते रहे। यह आपत्तिजनक हरकत महिला सम्मान के खिलाफ है। किसी मंत्री के लिए सदन में बोलने पर इस तरीके की आपत्ति भी अनुचित है। राज्यसभा में लोकसभा के सदस्य किसी मंत्री की मौजूदगी पर सवाल कैसे खड़े किए जा सकते हैं।
यह मंत्री का अधिकार है कि वे दोनों सदनों में अपनी बात रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनका मजाक बनाया गया जिससे वे आहत हुईं हैं। सदन के अंदर कांग्रेस नेताओं का महिला मंत्री के साथ यह आचरण आपत्तिजनक है।