राहुल, प्रियंका, सोनिया के साथ खरगे। फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
इंडिया गठबंधन ने कहा कि एकजुट विपक्ष ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की परिसीमन करने की नापाक साजिश को नाकाम कर दिया। सरकार आधी आबादी को ढाल बनाकर देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही थी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर कहा कि पीएम-गृह मंत्री ने लोकतंत्र, संविधान और संघवाद को नुकसान पहुंचाने का कुत्सित प्रयास किया। एकजुट विपक्ष ने उनकी चालबाजी भांप ली और संविधान संशोधन बिल गिर गया। उनकी साजिश औंधे मुंह गिर गई है।
हम मोदी सरकार से फिर मांग करते हैं कि वह 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अनुसार महिलाओं को 33% आरक्षण 2029 के चुनावों से ही दे। कांग्रेस सितंबर, 2023 से इसकी मांग कर रही है। यह नारी शक्ति के प्रति पीएम की प्रतिबद्धता की असली परीक्षा होगी।
ये भी पढ़ें:- Russia-Ukraine War: रूस से जंग के बीच यूक्रेनी सुरक्षा प्रमुख की भारत यात्रा, जयशंकर-अजीत डोभाल से की मुलाकात
फरेबी गाड़ी थमी ही रह गई : अखिलेश
अखिलेश यादव ने शायराना अंदाज में कहा, इनकी फरेबी गाड़ी फिर से थमी ही रह गई। अब कहेंगे हमारी कोशिश में कमी रह गई।
किसान आंदोलन जैसी हार : भाकपा
भाकपा नेता पी. संतोष कुमार ने कहा कि पूरे देश की महिलाओं को भाजपा के रवैये को समझना चाहिए। महिलाओं के आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर, सरकार ने इसके असल में लागू होने में देरी करने की कोशिश की। यह हार वैसी ही है जैसी हमने किसान आंदोलन के दौरान देखी थी, जब लोगों की एकता ने सरकार को कृषि कानून वापस लेने पर मजबूर कर दिया था।
मोदी-शाह के अंत की शुरुआत : ओब्रायन
तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओब्रायन ने बिल की हार को नरेंद्र मोदी और अमित शाह के अंत की शुरुआत बताया।
लोकतंत्र और संविधान की जीत- रमेश
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि खतरनाक परिसीमन प्रस्तावों को महिला आरक्षण से जोड़ने की सत्ता पक्ष की शरारती कोशिश निर्णायक रूप से हार गई है। यह हमारे लोकतंत्र, हमारे संघवाद और संविधान की जीत है। यह गैर-जैविक और गैर-गृहस्थ प्रधानमंत्री की वैधता पर भी सवाल खड़ा करता है।