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मोदी के बवंडर में खत्म हो गई एनडीए, अकाली दल के रूप में आखिरी स्तंभ भी हटाः शिवसेना

Mon, 28 Sep 2020 07:01 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सार

शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र सामना में आखिरी स्तंभ शीर्षक के तहत प्रकाशित संपादकीय में लिखा है कि जब प्रकाश सिंह बादल ने एनडीए से नाता तोड़ा तो उन्हें रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया...
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राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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कृषि विधेयकों के विरोध में शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से अलग होने पर शिवसेना ने भाजपा पर निशाना साधा है। शिवसेना ने कहा कि जिन कारणों से एनडीए की स्थापना हुई थी वे कारण मोदी के बवंडर में नष्ट हो गए। क्या एनडीए का अब भी कोई वजूद है। जो अब भी गठबंधन में हैं क्या उनका हिंदुत्व से कुछ लेना-देना है।

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शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र सामना में आखिरी स्तंभ शीर्षक के तहत प्रकाशित संपादकीय में लिखा है कि जब प्रकाश सिंह बादल ने एनडीए से नाता तोड़ा तो उन्हें रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया। चलो अच्छा हुआ की तर्ज पर सिमरनजीत कौर का केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। फिलहाल, एनडीए का आखिरी स्तंभ अकाली दल भी हट गया है। पंजाब और महाराष्ट्र मर्दाना तेवर वाले राज्य हैं। शिरोमणि अकाली दल और शिवसेना वीरता और बहादुरी का चेहरा है। अब जब कुछ ने गठबंधन को राम-राम कर दिया है। इसलिए अब एनडीए में राम नहीं हैं।

भाजपा ने गंवा दिए दो शेर

शिवसेना ने मुखपत्र में लिखा है कि साल 1995-96 में कांग्रेस के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत गठबंधन बनाने के लिए एनडीए का गठन किया गया था। गठबंधन में कई उतार-चढ़ाव आए। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने दो आम चुनाव जीते। आज कई राज्यों में भाजपा की सत्ता है। केंद्र सरकार की सत्ता हाथ में है। भाजपा ने सत्ता का किला भले ही जीत लिया लेकिन एनडीए के दो शेरों (शिअद-शिवसेना) को गंवा चुकी है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर हिंदुत्व निस्तेज होती दिख रही है। अब क्या नए सूर्य का उदय होगा।

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