असम विधानसभा चुनाव में मिली शानदार जीत के बाद हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सीएम सरमा के शपथ लेने के साथ ही असम में NDA 3.0 का आगाज हो गया है। गुवाहाटी के खानापारा में आयोजित इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशेष रूप से शामिल हुए। इनके साथ ही भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस पल के गवाह बने।
सीएम सरमा के साथ चार और मंत्रियों ने ली शपथ
असम में यह एनडीए की लगातार तीसरी सरकार है। मुख्यमंत्री सरमा के साथ चार मंत्रियों ने भी पद की शपथ ली। इनमें भाजपा से रामेश्वर तेली और अजंता नियोग शामिल हैं। सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) से अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) से चरण बोरो को कैबिनेट में जगह मिली है। वहीं, वरिष्ठ नेता रंजीत कुमार दास विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार होंगे।
इस चुनाव में एनडीए ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। गठबंधन ने 126 में से 101 सीटों पर कब्जा कर तीन-चौथाई बहुमत हासिल किया। इसमें भाजपा गठबंधन को 81 सीटें मिलीं, जबकि AGP और BPF ने 10-10 सीटें जीतीं। खुद हिमंता बिस्वा सरमा ने 80,000 से अधिक वोटों के बड़े अंतर से अपनी सीट जीती। उन्होंने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी के सहयोग और डबल इंजन विकास मॉडल को दिया। मुख्यमंत्री सरमा के साथ उनके मंत्रिमंडल के चार मंत्रियों ने भी शपथ ली।
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सीएम सरमा के साथ जिन चार मंत्रियों ने सपथ ली है आइये उनके बार में हम आपको बताते है।
रामेश्वर तेली: रामेश्वर तेली असम के एक प्रमुख जनजाति नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार में खाद्य प्रसंस्करण और पेट्रोलियम मंत्रालय के राज्य मंत्री के रूप में काम किया है। वह लंबे समय तक लोकसभा और विधानसभा के सदस्य रहे हैं। साल 2024 में उन्हें राज्यसभा भेजा गया था। अब वह डुलियाजन सीट से चुनाव जीतकर असम की विधानसभा में पहुंचे हैं। उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें सरकार में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
अजंता नियोग: अजंता नियोग मुख्यमंत्री सरमा की पुरानी और भरोसेमंद साथी हैं। वह गोलाघाट सीट से लगातार छठी बार विधायक चुनी गई हैं। उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की थी और तरुण गोगोई की सरकार में मंत्री भी रहीं। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गईं। पिछली सरकार में उन्होंने वित्त मंत्री का पद संभाला था। वह असम की पहली महिला वित्त मंत्री बनी थीं।
अतुल बोरा: अतुल बोरा असम गण परिषद (AGP) के अध्यक्ष हैं। उन्होंने छात्र राजनीति और असम आंदोलन के समय से अपनी पहचान बनाई है। वह भाजपा के नेतृत्व वाली पिछली दोनों सरकारों में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। उन्हें सहयोगी दल के कोटे से मंत्री बनाया गया है।
चरण बोरो: चरण बोरो बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के नेता हैं। वह माजबाट सीट से तीसरी बार विधायक बने हैं। पिछले साल अक्टूबर में उन्हें सरमा सरकार में मंत्री बनाया गया था। भाजपा और बीपीएफ के गठबंधन को मजबूत करने में उनकी भूमिका बहुत खास रही है।
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