सांपला 2021 से एनसीएससी अध्यक्ष का प्रभार संभाल रहे थे। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा इसलिए दिया है क्योंकि उन्हें आगामी चुनावों के लिए भाजपा में संगठनात्मक जिम्मेदारी दिए जाने की उम्मीद है। पंजाब के प्रमुख दलित चेहरा रहे सांपला ने 1998 में जालंधर छावनी के सोफीपिंड गांव के सरपंच के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी।
सांपला ने पंजाब के होशियारपुर से 2014 का लोकसभा चुनाव जीता और 2014 से 2019 तक नरेंद्र मोदी की पहली सरकार में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री थे। इससे पहले उन्होंने पंजाब दलित विकास परिषद के अध्यक्ष, अनुसुचित जाति आरक्षण बचाओ मंच के राज्य समन्वयक और भरत गौरव के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उन्होंने 2009-12 तक खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड, पंजाब के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।