राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने एक साल की देरी के बाद आखिरकार सोमवार को 2017 के आंकड़े जारी कर दिए। रिपोर्ट में लगभग हर श्रेणी के अपराधों के आंकड़े दिए गए हैं। रिपोर्ट की खास बात यह है कि इस बार भ्रामक (फर्जी) खबर को भी अपराध की श्रेणी में रखा गया है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार इसमें 257 मामले दर्ज किए गए हैं।