राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को खत लिखकर कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की अपील की है। सज्जन सिंह वर्मा ने लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाने को लेकर एक आपत्तिजनक बयान दिया था, जिसके बाद भाजपा समेत कई लोगों ने उन्हें घेरा था। इस बयान पर एनसीपीसीआर ने उचित कार्रवाई करने के लिए कहा है।
मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक को लिखे पत्र में कहा गया है कि एक विधायक के तौर पर सार्वजनिक स्थान पर किसी बच्ची के लिए इस तरह का गंभीर आपत्तिजनक बयान दिया गया है, जिसके मद्देनजर आयोग उचित कार्रवाई की अपील करता है। इससे पहले आयोग ने सज्जन सिंह वर्मा को उनके द्वारा दिए गए बयान पर स्पष्टीकरण मांगा था लेकिन अभी तक सज्जन सिंह वर्मा की तरफ से उनके बयान पर कोई जवाब नहीं दिया गया है।
पुलिस महानिदेशक के अलावा मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा को भी आयोग ने पत्र लिखकर भेजा है। सज्जन सिंह वर्मा की ओर से जो बयान दिया गया था, उसे आयोग ने भेदभावपूर्ण और यूएनसीआरसी के प्रावधानों के खिलाफ बताया है।
बता दें कि 13 जनवरी को भोपाल में मीडिया से चर्चा करते हुए सज्जन सिंह वर्मा ने एक विवादित बयान दिया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लड़कियों की शादी की उम्र 21 साल किए जाने पर उन्होंने कहा था कि डॉक्टरों के अनुसार लड़कियों में 15 साल की उम्र में बच्चे पैदा करने की क्षमता पैदा हो जाती है।
उन्होंने आगे कहा कि इसलिए उनकी शादी की उम्र में बदलाव करने की कोई जरूरत नहीं है। जब लड़कियों की शादी की उम्र 18 तय है तो इसमें बदलाव करने की क्या जरूरत है।