राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने ट्विटर पर बाल यौन उत्पीड़न और पोर्नोग्राफी से सबंधित सामग्री की कथित तौर पर उपलब्धता होने के मामले में एफआईआर के अपने पहले के निर्देश पर अमल नहीं होने पर दिल्ली पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ के डीसीपी को तलब किया है। आयोग ने पूर्व में ट्विटर के खिलाफ एफआईआर का निर्देश दिया था, लेकिन उस पर अमल नहीं किया गया।
आयोग ने डीसीपी (साइबर प्रकोष्ठ) अन्येश रॉय को लिखे पत्र में कहा है कि वह 29 जून को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से एनसीपीसीआर के समक्ष उपस्थित हों और कार्रवाई रिपोर्ट भी साझा करें।एनसीपीसीआर का कहना है कि उसने अपने अध्ययन में पाया था कि ट्विटर पर बाल यौन उत्पीड़न और पोर्नोग्राफी से सबंधित सामग्री उपलब्ध हैं, जो बच्चों की पहुंच में है। इसके बाद उसने दिल्ली पुलिस आयुक्त को 29 मई को पत्र लिखकर ट्विटर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा था।
उसने आठ जून को एक रिमाइंडर भी दिल्ली पुलिस के पास भेजा था, लेकिन अब भी उसे कार्रवाई रिपोर्ट का इंतजार है। आयोग के मुताबिक, पुलिस आयुक्त के कार्यालय की तरफ से बताया गया है कि इस मामले को रॉय के पास भेजा गया था और ऐसे में उन्हें तलब किया गया है।