आईओए प्रमुख नरिंद्र बत्रा ने बताया, संघ देश और कानून के खिलाफ किसी भी तरह की मान्यता नहीं देता है। उन्होंने कहा, हम किसी भी तरह के हिंसक खेलों को बढ़ावा देने की अनुमति नहीं देते हैं। बत्रा ने कहा, यह सच है कि ई-स्पोर्ट्स हमारे पास आया, लेकिन हमने उन्हें कोई मान्यता नहीं दी।
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने बृहस्पतिवार को मोबाइल गेम पबजी को किसी भी तरह की मान्यता दिए जाने की बात से इनकार किया। संघ ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की ओर से इस बारे में लिखे गए पत्र के बाद यह सफाई दी है। बाल आयोग ने संघ के अलावा सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (आईटी) से पूछा था कि जब सरकार ने गेम को ब्लॉक कर दिया है, तो नाबालिग इसे मोबाइल पर कैसे डाउनलोड कर ले रहे हैं।
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आईओए प्रमुख नरिंद्र बत्रा ने बताया, संघ देश और कानून के खिलाफ किसी भी तरह की मान्यता नहीं देता है। उन्होंने कहा, हम किसी भी तरह के हिंसक खेलों को बढ़ावा देने की अनुमति नहीं देते हैं। बत्रा ने कहा, यह सच है कि ई-स्पोर्ट्स हमारे पास आया, लेकिन हमने उन्हें कोई मान्यता नहीं दी।
आयोग ने मांगी है लिखित जानकारी
दूसरी ओर, एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने कहा, हम आईओए से विस्तृत जवाब चाहते हैं। अगर वे दावा करते हैं कि उन्होंने पबजी को कोई मान्यता नहीं दी है, तो उन्हें लिखित में जानकारी देनी होगी।
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कानूनगो ने कहा, हम आईटी मंत्रालय से भी जवाब चाहते हैं। इस तरह के खेलों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्योंकि वे हमारे बच्चों को हिंसक बनाते हैं। यह एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है जिससे सावधानी से निपटा जाना चाहिए। पबजी जैसे मोबाइल गेम सरकार के लिए चिंता का विषय बन गए हैं, क्योंकि इससे कई घटनाएं हुई हैं।