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Maharashtra: सुप्रिया सुले पर विवादित टिप्पणी में मंत्री अब्दुल सत्तार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन, अब मांगी माफी

Tue, 08 Nov 2022 01:23 AM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

आलोचनाओं का सामना कर रहे सत्तार ने मामले में खेद भी जताया है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी टिप्पणी से किसी को ठेस पहुंची है, तो उन्हें खेद है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने राकांपा प्रमुख शरद पवार की बेटी सुले के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की।
 
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राकांपा सांसद सुप्रिया सुले - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र के कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार द्वारा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की सांसद सुप्रिया सुले के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद सोमवार को विवाद खड़ा हो गया। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसके बाद सांसद सुले के समर्थकों और एनसीपी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन सहित कड़ी प्रतिक्रिया जताई है।

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सत्तार के आवास पर पथराव, सुले समर्थकों को हिरासत में लिया गया
बड़ी संख्या में सुप्रिया सुले के समर्थकों और एनसीपी कार्यकर्ताओं ने कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार के आवास के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने मंत्री अब्दुल सत्तार के घर के बाहर जमकर नारेबाजी करते हुए तोड़फोड़ की। अधिकारियों ने कहा कि औरंगाबाद शहर और मुंबई में सत्तार के आवासों पर पथराव किया गया, जबकि उनके गृह नगर सिल्लोड, पुणे, ठाणे, औरंगाबाद, जालना, नागपुर और पंढरपुर में उनके खिलाफ प्रदर्शन किए गए। एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को दोपहर में राकांपा के कार्यकर्ताओं ने दक्षिण मुंबई में सत्तार के आवास के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके बाद पार्टी के 20 समर्थकों को मुंबई पुलिस ने हिरासत में ले लिया। डीसीपी अपर्णा गीते ने संवाददाताओं को बताया कि शाम को औरंगाबाद शहर के रोजा बाग इलाके में सत्तार के आवास पर पथराव किया गया, जिसके बाद 10 लोगों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने बताया कि घटना के वक्त सत्तार औरंगाबाद स्थित अपने घर पर मौजूद नहीं थे।

मुंबई में बढ़ाई गई सत्तार के बंगले की सुरक्षा
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुंबई में राकांपा कार्यकर्ताओं ने यशवंतराव चव्हाण केंद्र के पास सत्तार के बंगले के सामने प्रदर्शन किया, जिसके बाद बंगले की सुरक्षा बढ़ा दी गयी। उन्होंने बताया कि गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के बंगले पर पथराव किया जिसमें खिड़की का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। अधिकारी ने बताया कि इस मामले में कफ परेड पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है।
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सत्तार ने रैली में मांगी माफी
आलोचना का सामना कर रहे सत्तार ने रात में सिल्लोड में एक रैली में कहा कि उन्होंने अपने द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द के लिए माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी टिप्पणी से किसी को ठेस पहुंची है, तो उन्हें खेद है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने राकांपा प्रमुख शरद पवार की बेटी सुले के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली 'बालासाहेबची शिवसेना' से ताल्लुक रखने वाले सत्तार ने कहा कि उन्होंने महिलाओं के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की।

सत्तार ने रैली में कहा कि "हम किसी भी महिला या पार्टी की भावनाओं को आहत नहीं करना चाहते थे। मैंने इस शब्द का इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया जिन्होंने हमारे लोगों को बदनाम करने की कोशिश की। मैंने जो शब्द इस्तेमाल किया है उसके लिए मैंने माफी मांगी है क्योंकि हम यहां (रैली में) बैठी महिलाओं का सम्मान करते हैं।"

औरंगाबाद जिले के सिल्लोड निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सत्तार ने कथित तौर पर राकांपा प्रमुख शरद पवार की बेटी सुले का जिक्र करते हुए एक अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने ऐसा पत्रकारों के 'खोके' (पैसे के बक्से) के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा था। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता अक्सर एकनाथ शिंदे के प्रति वफादार विधायकों को "40 खोके" लेकर शिवसेना नेतृत्व के खिलाफ बगावत करने का ताना मारते हैं। 

विवाद बढ़ने पर महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना के एकनाथ शिंदे खेमे के प्रवक्ता दीपक केसरकर ने भी सत्तार की टिप्पणियों के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि सत्तार को भी माफी मांगनी चाहिए और स्पष्टीकरण देना चाहिए। केसरकर ने कहा कि मुख्यमंत्री सत्तार से बात करेंगे और उन्हें निर्देश देंगे।

विद्या चव्हाण ने की सत्तार के इस्तीफे की मांग
इस बीच राकांपा नेता विद्या चव्हाण ने सत्तार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर सत्तार ने इस्तीफा नहीं दिया तो वह राज्य में स्वतंत्र रूप से नहीं घूम पाएंगे। राकांपा के एक अन्य नेता एकनाथ खडसे ने भी सत्तार द्वारा की गई टिप्पणियों की निंदा की और कहा कि मुख्यमंत्री को कृषि मंत्री को कुछ शिष्टाचार सिखाना चाहिए।

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