शरद पवार-अजित पवार (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
महाराष्ट्र की राजनीति का पारा इन दिनों अजित पवार ने बढ़ा रखा है। यहां रविवार को तब बड़ा उलटफेर देखने को मिला था जब अजित पवार सहित एनसीपी के नौ विधायकों ने एनडीए में शामिल होने का एलान कर दिया था। इतना ही नहीं वे एकनाथ शिंदे की सरकार में भी शामिल हो गए। इस घटनाक्रम के बाद एनसीपी पर अधिकार की लड़ाई भी शुरू हो गई है। वहीं, अब सामने आया है कि एनसीपी के दोनों धड़े मतलब शरद पवार और अजित पवार गुट बुधवार को क्रमशः दक्षिण मुंबई के यशवंतराव चव्हाण केंद्र और उपनगरीय बांद्रा के भुजबल नॉलेज सिटी में अपनी बैठकें करेंगे।
दोनों गुटों के नेताओं ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि राकांपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने दोपहर 1 बजे एक बैठक बुलाई है। वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फड़नवीस सरकार के साथ गठबंधन करने वाले अजीत पवार गुट की बैठक बुधवार को ही सुबह 11 बजे होगी। गौरतलब है कि रविवार को एनसीपी में फूट के बाद दोनों गुटों के सभी पदाधिकारियों की यह पहली बैठक होगी। बता दें कि दोनों ही गुटों ने एनसीपी पर अपना अपना दावा किया है और दोनों का ही कहना है कि ज्यादा विधायक उनके साथ हैं।
पांच को शक्ति परीक्षण
एनसीपी के दोनों गुटों ने 5 जुलाई को बैठक बुलाई है। शरद गुट की ओर से विधायकों व सांसदों सहित पदाधिकारियों को हलफनामे के साथ आने के लिए कहा गया है। अजित गुट के प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे ने जिला व तालुकाध्यक्ष, प्रदेश प्रतिनिधियों सहित विधायकों व सांसदों की बैठक बुलाई है।
दोनों गुटों ने की विधायकों की अयोग्यता की मांग
अजित ने कहा, विधानसभा अध्यक्ष को पत्र खिलकर जयंत पाटिल और जितेंद्र आव्हाड को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। वहीं, शरद गुट ने अजित समेत 9 विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष और चुनाव आयोग को पत्र लिखा है।
अमोल कोल्हे बोले- वे शरद के वफादार
वहीं, शिरूर से लोकसभा सांसद अमोल कोल्हे जो कि रविवार को अजित पवार और अन्य आठ विधायकों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में मौजूद रहे थे, उन्होंने अब पाला बदल लिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि वे शरद पवार के प्रति वफादार रहेंगे।
सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल किए गए पार्टी से बाहर
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल का नाम एनसीपी पार्टी के सदस्यों के रजिस्टर से हटाने का आदेश दिया। इसके बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने प्रफुल्ल पटेल, एस.आर. कोहली और सुनील तटकरे को पार्टी से निकाल दिया। इसके अलावा शरद पवार ने सोनिया दूहन को पार्टी के नई दिल्ली केंद्रीय कार्यालय का प्रभारी नियुक्त कर दिया।