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Maharashtra: नेता प्रतिपक्ष को लेकर चर्चा तेज, शरद पवार की पार्टी बोली- रोटेशन आधार पर तीनों दलों को मिले मौका

Mon, 03 Mar 2025 09:58 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।

सार

Maharashtra: महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता पद को लेकर महा विकास अघाड़ी के तीनों दलों के बीच चर्चा चल रही है। राकांपा (शरदचंद्र पवार) विधायक जितेंद्र आव्हाड ने इस पद को 18-18 महीने के लिए कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राकांपा के बीच रोटेशन से बांटने की मांग की है।
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राकांपा-एसपी के नेता जितेंद्र अव्हाड। - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) पद को लेकर महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के सहयोगी दलों के बीच चर्चा जारी है। हालांकि, अभी तक इस पद के लिए किसी ने औपचारिक रूप से दावा नहीं किया है, लेकिन एक प्रमुख घटक दल ने इस पद को बारी-बारी से कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के बीच घुमाने की मांग की है। 

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राकांपा (शरदचंद्र पवार) के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने सोमवार को कहा कि विपक्ष के नेता का पद 18-18 महीने के लिए रोटेशन आधार पर तीनों दलों को दिया जाना चाहिए। आव्हाड ने तर्क दिया कि ऐसा करने से हर पार्टी को विधानसभा में खुद का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा, हमें एक मजबूत विपक्ष के रूप में एकजुट रहना होगा। यहीं राकांपा (शरदचंद्र पवार) का रुख है। 

आव्हाड ने यह भी कहा कि तीनों दलों के वरिष्ठ नेता इस पर बैठक करेंगे और फैसला लेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिवसेना (यूबीटी) को पहले इस पद के लिए अवसर मिलना चाहिए, जिसके पास बीस सीटें हैं। पिछले हफ्ते शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा था कि उनकी पार्टी विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद का दावा करेगी।
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विधानसभा में शिवसेना (यूबीटी) के 20 विधायक हैं, उसके बाद कांग्रेस (16 वर्षीय) और राकांपा (शरदचंद्र पवार) के 10 विधायक हैं। अब तक किसी भी पार्टी ने औपचारिक रूप से इस पद के लिए दावा नहीं किया है। शिवसेना (यूबीटी) विधायक भास्कर जाधव ने दावा किया, किसी विपक्षी दल को नेता प्रतिपक्ष पद का दावा करने के लिए कुल सीटों में से 10 फीसदी सीटों (जो 28 होती हैं) की जरूत होती है। लेकिन संविधान में ऐसा कोई कानून (कुल सीटों का 10 फीसदी तय करना) या प्रावधान नहीं है। 
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