राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने शनिवार को कहा कि देश के लिए बीआर आंबेडकर का योगदान केवल संविधान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जल और बिजली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों के फैसले लेने में भी शामिल है।
पवार अपनी पुस्तक 'द प्रॉब्लम ऑफ द रुपी: इट्स ओरिजिन एंड इट्स सॉल्यूशन' के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उन्होंने इस दौरान कहा कि देश में संसदीय लोकतंत्र को संरक्षित करने के लिए आंबेडकर श्रेय के पात्र हैं। वह 1942 से 1946 तक वायसराय की कार्यकारी परिषद के सदस्य थे, जो श्रम, पानी और बिजली के लिए जिम्मेदार थी।
एनसीपी प्रमुख ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी केवल संविधान के प्रति आंबेडकर के योगदान से अवगत है। जबकि उन्होंने पानी के उपयोग और इसके बुनियादी ढांचे के निर्माण पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
महाराष्ट्र के चार बार के मुख्यमंत्री ने कहा कि सतलज नदी पर बने भाखड़ा नांगल बांध, पश्चिम बंगाल और झारखंड में संचालित सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली जनरेटर कंपनी दामोदर वैली कॉरपोरेशन के निर्माण का महत्वपूर्ण निर्णय आंबेडकर के कार्यकाल के दौरान लिया गया था।
पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा, भाखड़ा नांगल बांध ने पंजाब और हरियाणा के लिए सिंचाई क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे दोनों राज्यों में कृषि विकास को बढ़ावा मिला। बांधों के निर्माण का निर्णय लेते समय उन्हें यह भी एहसास हुआ कि इन बांधों से बिजली पैदा करना कितना महत्वपूर्ण है।’
एनसीपी नेता ने राज्य स्तर पर बिजली उत्पादन को सक्षम करने के लिए राज्य बिजली बोर्डों की नींव रखने और बिजली उत्पादन नहीं करने वाले राज्यों में बिजली ले जाने के लिए ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की स्थापना के लिए भी आंबेडकर को श्रेय दिया।
पवार ने कहा, ‘आंबेडकर द्वारा लिए गए फैसलों का लाभ लोग अब भी उठा रहे हैं।’