देशभर में विमान सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच एनसीपी-एससीपी नेता रोहित पवार का बड़ा बयान सामे आया है। उन्होंने वीएसआर नाम की विमानन कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कंपनी विमान सुरक्षा से जुड़े जरूरी नियमों का सही तरीके से पालन नहीं करती, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। रोहित पवार ने कहा कि नियम के मुताबिक पायलट की ड्यूटी के बाद 12 घंटे का आराम जरूरी होता है, लेकिन कंपनी इस नियम का पालन नहीं करती।
रोहित पवार ने दावा किया कि कई विमानों में कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर बंद रहता है। इसके अलावा, उड़ान से पहले विमान की पूरी जांच (चेकलिस्ट और टेकलॉग) ठीक से नहीं रखी जाती। उन्होंने बताया कि हर विमान और उसके इंजन की एक तय उम्र होती है। एक निश्चित समय के बाद इंजन और कई जरूरी उपकरण बदलने होते हैं। लेकिन कंपनी ने इन नियमों का पालन नहीं किया।
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पवार के आरोप, डीजीसीए पर सवाल भी उठाए
पवार ने आरोप लगाया कि कुछ विमानों को 100 घंटे उड़ाया गया, लेकिन रिकॉर्ड में सिर्फ 50 घंटे ही दिखाए गए। रोहित पवार ने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के कुछ अधिकारी वीएसआर कंपनी के मालिक सिंह के करीबी हैं, जिससे कंपनी को फायदा मिला।
रोहित पवार ने कुछ हादसों का दिया उदाहरण
उन्होंने दावा किया कि 2023 में मुंबई में हुआ विमान हादसा और अजित पवार से जुड़ा हादसा भी इसी लापरवाही का नतीजा था। उन्होंने अपील की कि मुख्यमंत्री, मंत्री, नेता या कोई भी व्यक्ति, चाहे कितनी भी आपात स्थिति हो, वीएसआर के विमान का इस्तेमाल न करे। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले सचिन तेंदुलकर ने भी दिल्ली यात्रा के लिए वीएसआर का विमान इस्तेमाल किया था।
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वीएसआर की रिपोर्ट और डीजीसीए पर आरोप
रोहित पवार ने आगे बताया कि यूरोप की विमानन सुरक्षा एजेंसी ईएएसए ने 2023 के हादसे को लेकर वीएसआर से जानकारी मांगी थी, लेकिन सही जानकारी नहीं दी गई। यहां तक कि डीजीसीए के माध्यम से भी रिपोर्ट नहीं भेजी गई। जानकारी न मिलने पर ईएएसए ने वीएसआर की ‘थर्ड कंट्री ऑपरेटर’ की अनुमति रद्द कर दी और उसका लाइसेंस रद्द कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि डीजीसीए के जरिए यूरोपीय एजेंसी को भेजी जाने वाली रिपोर्ट को जानबूझकर रोका गया। पवार ने यह भी दावा किया कुछ वरिष्ठ पत्रकारों ने उन्हें बताया कि एक राजनीतिक व्यक्ति, जिसे विमानन क्षेत्र का अनुभव है, ने यह रिपोर्ट रुकवाई। हालांकि, उस व्यक्ति का नाम अभी सामने नहीं आया है।
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