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Pune Porsche Accident: पोर्श कांड में भड़का विपक्ष, विरोध-प्रदर्शन कर राज्य सरकार पर लगाए बड़े आरोप

Fri, 24 May 2024 12:18 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे

सार

Porsche Accident Pune: पुणे सड़क हादसा लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। मामले पर राजनीति हलचल भी बढ़ गई है। विपक्षी दल लगातार सत्ताधारियों पर निशाना साध रहे हैं।
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पुणे पोर्श कांड मामले में विरोध-प्रदर्शन कर रहे विपक्षी दल। - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पुणे पोर्श कांड से महाराष्ट्र की पूरी राजनीतिक तस्वीर बदल गई है। यह मामला अब राज्य का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। विपक्षी दल इस मामले में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा और राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। विपक्षी नेताओं का कहना है कि देवेंद्र फडणवीस और भाजपा ने पुणे को बर्बाद किया है। इसके अलावा, बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ पब और बार कर्मचारियों ने भी अपनी आवाज उठाई। 

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कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार (एनसीपी-एससीपी) के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया।
 

सीपी ऑफिस के सामने विरोध
वहीं, पुणे लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार रवींद्र धांगेकर ने सीपी ऑफिस के सामने प्रदर्शन किया। 
 
पुणे में प्रशासन द्वारा की गई बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ पब और बार कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया।



जो लोग गुजर गए, उन्हें इंसाफ मिलना चाहिए
रवींद्र धांगेकर ने कहा, 'इस मामले में पुलिस अधिकारी डिफॉल्टर हैं और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए। जो लोग गुजर गए, उन्हें इंसाफ मिलना चाहिए। पुलिस कमिश्नर को सब पता है, उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। मैं यहां इसलिए हूं ताकि वह जान सकें कि पुणे के लोग सड़कों पर हैं।' 

णे आज गलत वजहों से ट्रेंड में
पुणे एनसीपी-एससीपी के अध्यक्ष प्रशांत सुदामराव जगताप ने कहा, 'पुणे आज गलत वजहों से ट्रेंड में हैं। इसलिए आज हम पुणे के डीएम कार्यालय यह अनुरोध करने के लिए आए हैं कि सब कुछ सही करें। जो पुणे पहले अच्छी संस्कृति के लिए जाना जाता था। वो 10 सालों में बिगड़ा हुआ है। दुर्घटना के बाद पुलिस पर राजनीतिक दबाव था। देवेंद्र फडणवीस और भाजपा ने पुणे को बर्बाद कर दिया। उन्होंने पुणे में मसाज पार्लर, डिस्को और पब की संस्कृति का समर्थन किया और इसलिए शहर में 'माफिया राज' है। पुलिस राज्य सरकार के तहत काम करती है, मुझे लगता है कि पुलिस को दबाव में काम नहीं करना चाहिए जो अब तक हुआ है। अगर कोई राजनीतिक दबाव बनाना चाहता है तो पुलिस को उसका नाम सार्वजनिक करना चाहिए। केवल मुआवजे से काम नहीं चलेगा, मुझे लगता है कि जो दोषी हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।'
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यह है मामला 
पुणे शहर में 18-19 मई की दरम्यानी रात को करीब तीन करोड़ रुपये की पोर्श कार को तेज गति से दौड़ाने के चक्कर में 17 साल के लड़के ने एक बाइक को टक्कर मार दी थी। गाड़ी की टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक अपना संतुलन खोकर काफी दूर तक सड़क पर घिसटते चली गई, जिससे उस पर सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद आरोपी नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना के 14 घंटे बाद आरोपी नाबालिग को कोर्ट से कुछ शर्तों के साथ जमानत मिल गई थी।  कोर्ट ने उसे 15 दिनों तक ट्रैफिक पुलिस के साथ काम करने और सड़क दुर्घटनाओं के प्रभाव-समाधान पर 300 शब्दों का निबंध लिखने का निर्देश दिया था। बाद में विवाद बढ़ा तो कोर्ट ने उसकी जमानत रद्द कर दी। हालांकि, पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी शराब के नशे में था और बेहद तेज गति से कार को चला रहा था। 

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