एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा है कि अगर 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराना है तो समूचे विपक्ष को एक साथ आना होगा।
दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए पवार ने कहा कि राज्यों के क्षेत्रीय दलों की एकता ही मौजूदा सरकार को आसानी से हराने का रास्ता साफ करेगी। हालांकि पवार ने साफ किया की गठबंधन असल शक्ल और प्रधानमंत्री पद का फैसला तो चुनाव के बाद ही होगा।
राष्ट्रवादी कांग्रेस के पार्टी के मुखिया शरद पवार ने कहा है विपक्ष की एकता के लिए यदि उन्हें पहल करनी पड़ी तो वह ऐसा कर सकते हैं। बीजद, बसपा और राजद सरीखे दलों से बात करना उनके लिए कठिन नहीं है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के गठबंधन की अहम कड़ी कांग्रेस है। इसके लिए उन्होंने राहुल गांधी से बात की है। वह विपक्ष की एकता केलिए तैयार हैं। लेकिन प्रधानमंत्री पद की दावेदारी पर उन्होंने साफ किया जो पार्टी सबसे अच्छा प्रदर्शन करेगी ज्यादा सीटे जीतेगी वहीं भाजपा के विरुद्ध होने वाले गठबंधन की सदारत करेगी।
एनसीपी के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में सामाजिक, आथक और राजनैतिक स्थितियों पर चार प्रस्ताव पास किए गए। इसमें केरल की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग सबसे अहम है। इसके अलावा उन्होंने केरल की स्थिति को देखते हुए केंद्र से विदेशी सहायता लेने का अनुरोध भी किया है। पवार ने साफ किया कि महाराष्ट्र में राज ठाकरे की नवनिर्माण सेना से उनका कोई गठबंधन नहीं हो रहा है। ठाकरे से उनकी मुलाकात का यह तात्पर्य नहीं लगाना चाहिए।
नक्सल समर्थन के नाम पर हो रही गिफ्तारियों पर पवार ने कहा कि इनमें से कुछ को वह जानते हैं, वह मानवाधिकार कार्यकर्ता का काम करते हैं उनके संबध किसी तरह की राष्ट्र के विरुद्ध गतिविधियों से हैं इसके लिए वह उनकेपरिवारों से मिलेंगे इसके बाद अपना पक्ष रखेंगे।