महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल के एक बयान को लेकर महाराष्ट्र में नया विवाद खड़ा हो गया है। राकांपा से मंत्री बने जिरवाल ने हिंगोली को 'गरीब जिला' बताया है। हालांकि उन्होंने मजाक में ही यह टिप्पणी की थी, लेकिन अब उनके इस बयान पर उप मुख्यमंत्री अजित पवार और उनके भाजपा कैबिनेट सहयोगी गिरीश महाजन ने नाराजगी जताई है।
क्या बोले नरहरि जिरवाल?
नरहरि जिरवाल ने हिंगोली में एक सभा को संबोधित करते हुए यह बयान दिया था। उन्होंने कहा कि मैं कैबिनेट मंत्री और अभिभावक मंत्री के रूप में पहली बार यहां (हिंगोली) आया हूं। मुझे एहसास हुआ कि यह एक सीमांत और गरीब जिला है। एक बार जब मैं मुंबई लौटूंगा, तो मैं (वरिष्ठों से) पूछूंगा कि मेरे जैसे गरीब व्यक्ति को एक गरीब जिले की जिम्मेदारी क्यों दी गई है। बता दें कि नरहरि जिरवाल नासिक जिले से राकांपा विधायक हैं, इतना ही नहीं उनकी गिनती अजित पवार के नजदीकी लोगों में होती है।
जिरवाल की टिप्पणी पर नाराज हुए अजित पवार
मंत्री नरहरि जिरवाल की टिप्पणियों पर अजित पवार और भाजपा नेता गिरीश महाजन ने नाराजगी जाहिर की है। अजित पवार ने कहा कि अगर उन्होंने ऐसी टिप्पणी की है तो यह उचित नहीं होगा। हर मंगलवार को हमारी बैठक होती है। मैं उनसे इस बारे में पूछूंगा। अगर कोई गलतफहमी है, तो इसका समाधान किया जाएगा।
महाजन ने भी ज़िरवाल के बयान की आलोचना
वहीं, गिरीश महाजन ने भी जिरवाल के बयान की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जिरवाल एक वरिष्ठ नेता हैं। किसी भी जिले को गरीब या अमीर की श्रेणी में नहीं रखा जाना चाहिए। ऐसी धारणाएं बनाना अनावश्यक है। वह बुद्धिमान हैं और वरिष्ठ पदों पर रहे हैं। उन्हें ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
आलोचना के बाद नरहरि जिरवाल ने दी सफाई
वहीं, आलोचना के बाद जिरवाल ने बयान जारी किया। उन्होंने मीडिया में साफ किया कि उन्होंने अलग-अलग विकास मापदंडों पर जिले की स्थिति के बारे में बयान जारी किया था। उन्होंने कहा कि मुझे यहां कुछ अच्छा करने के लिए इस जिले की जिम्मेदारी दी गई है।