Maharashtra Politics: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल ने सीएम फडणवीस से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल की नई नेता बनाए जाने पर किसी को आपत्ति नहीं है। हालांकि, इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति से पहले परिवार की सहमति ली जाएगी।
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इस मुलाकात में पार्टी नेताओं ने पवार के पास रहे विभागों पर अपना दावा पेश किया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एनसीपी के सीनियर नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल फडणवीस के ‘वर्षा’ बंगले पहुंचे और सीएम से मुलाकात की।
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'परिवार की सहमति से होगा फैसला'
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल पटेल ने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता उपमुख्यमंत्री और एनसीपी विधायक दल के नेता के रिक्त पदों को भरने की है। ये दोनों पद अजीत पवार के 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में निधन के समय उनके पास थे। अब जब दादा नहीं रहे तो उनकी जगह पर सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता बनाने का कोई विरोध नहीं है। जनता और पार्टी की भावनाएं समान हैं। हमें परिवार से बात करनी होगी और महत्वपूर्ण नियुक्तियों पर उनकी सहमति से ही फैसला होगा।
डिप्टी सीएम बनने के लिए सुनेत्रा को छोड़ना होगा राज्यसभा
बता दें कि सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल 2028 तक है। वहीं, अजीत पवार के निधन के बाद पुणे जिले की बारामती विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। ऐसे में अगर सुनेत्रा एनसीपी विधायक दल की नेता बनती हैं तो उन्हें राज्यसभा सीट छोड़नी होगी और अजित पवार की सीट पर चुनाव लड़ना होगा।
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रविवार को हो सकता है बड़ा फैसला
जानकारी के मुताबिक, एनसीपी ने रविवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसमें अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुने जाने की संभावना है। यह विधायक दल भाजपा और शिवसेना के साथ मिलकर सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा है। वहीं, शनिवार की बैठक में पार्टी के नए अध्यक्ष के चयन पर भी फैसला लिए जाने की उम्मीद है।
फिलहाल मुख्यमंत्री के पास है अजित पवार का विभाग
बता दें कि अजित पवार के निधन के बाद उनका विभाग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास चला गया है। अब जब तक एनसीपी कोटे से कोई नेता मंत्री पद की शपथ नहीं लेता है यह सारे विभाग मुख्यमंत्री के पास ही रहेंगे। हालांकि अजित पवार के पास वित्त विभाग होने से पहले 2022 से 2023 तक वित्त विभाग फडणवीस के पास ही था। उस समय फडणवीस एकनाथ शिंदे की कैबिनेट में वित्त और गृह विभाग संभाल रहे थे। लेकिन 2023 में 40 विधायकों के साथ महायुती में शामिल होने के बाद वित्त अजित के खाते में चला गया था।