राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की नेता सुप्रिया सुले ने बुधवार को कर्नाटक के एक भाजपा विधायक के उस बयान को शर्मनाक बताया जिसमें उन्होंने कहा था कि दुष्कर्म के मामले इसलिए बढ़ रहे हैं क्योंकि महिलाएं कुछ परिधान ऐसे पहनती हैं जो पुरुषों को उत्तेजित करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा पर नैतिक और वैचारिक पुलिसिंग करने का आरोप भी लगाया।
बजट 2022-23 पर बहस में हिस्सा लेने के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए सुले ने कहा कि भाजपा सांसद एमपी रेणुकाचार्य के इस बयान की सदन को निंदा करनी चाहिए। कर्नाटक में चल रहे हिजाब विवाद के बीच भाजपा सांसद ने यह बात ये साबित करने के लिए की थी कि कॉलेजों में छात्राओं को या तो यूनिफॉर्म पहननी चाहिए या फिर ऐसे परिधान जो पूरे शरीर को ढकें।
हालांकि, बाद में यह महसूस होने पर कि उनका यह बयान विवाद खड़े कर सकता है, रेणुकाचार्य ने कहा था कि अगर मेरे बयान से महिलाएं आहत हुई हैं तो मैं माफी मांगने के लिए तैयार हूं। रेणुकाचार्य कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के राजनीतिक सचिव भी हैं।
सुप्रिया सुले ने यह मामला उठाते हुए कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक बहुत ही प्रतिष्ठित महिला हैं। हम दोनों की बेटियां हैं जिन पर हमें गर्व है। उन्होंने आगे कहा, अगर हिजाब पहना जाए तो भाजपा को समस्या है, यदि कोई अन्य कपड़े पहनता है तो भी उन्हें समस्या है। भाजपा विधायक के इस बयान की निंदा होनी चाहिए। हमें इसे कतई सहन नहीं करना चाहिए।
सुले ने कहा कि अगर कोई पुरुष यह कहता है कि किसी महिला से दुष्कर्म उसके कपड़ों की वजह से हुआ है तो यह शर्मनाक है, यह निंदनीय है। इसके साथ ही वित्त मंत्री को साड़ी पहनकर बजट पेश करने के लिए बधाई देते हुए एनसीपी नेता ने कहा कि हम किसी के परिधान को देखकर उसके चरित्र के बारे में अनुमान नहीं लगाते हैं। यदि कोई ऐसा करता है तो यह गलत है।