एक जमीन सौदे से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नवाब मलिक को करारा झटका लगा है। अदालत ने एनसीपी नेता की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। इस दौरान विशेष अदालत ने कहा कि नवाब मलिक का अपने परिवार के स्वामित्व वाली एक फर्म के माध्यम से दागी संपत्ति पर कब्जा बना हुआ है। इस जमीन के सौदे में भगोड़ा गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम व उसके सहयोगी शामिल थे।
पीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश आर.एन. रोकाडे ने कहा कि प्रथम दृष्टया ये सबूत सामने आए थे कि दाऊदी इब्राहिम की बहन हसीना पारकर, सलीम पटेल और नवाब मलिक के बीच मुनिरा प्लंबर और उनकी मां मरियम गोवावाला के स्वामित्व वाली भूमि को हथियाने के लिए एक साजिश रची गई थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि नवाब मलिक का सॉलिडस इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से दागी संपत्ति पर कब्जा है और इस कंपनी का स्वामित्व मलिक के परिवार के सदस्यों के पास है।
बता दें, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता नवाब मलिक को इस साल फरवरी में गिरफ्तार किया था। वह न्यायिक हिरासत में हैं और फिलहाल उनका एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। बता दें, मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 30 नवंबर को मलिक की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था, जिस पर मंगलवार को विस्तृत आदेश जारी हुआ।