उन्होंने कहा है, "मुझे नहीं लगता कि कांग्रेस ने जानबूझकर ऐसा किया है। कांग्रेस सेवादल ने अलग अलग नेताओं को लेकर पुस्तिका निकाली है जिसमें वीर सावरकर पर भी पुस्तक निकाली गई है। लेकिन जिस तरह से आपत्तिजनक लेख लिखा गया है मुझे लगता है, यह उचित नहीं है।" मलिक ने कांग्रेस से इस पुस्तिका को वापस लेने का आग्रह किया है।
भोपाल में हुए कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में 'वीर सावरकर, कितने वीर' नाम की बुकलेट बांटी गई है। इस किताब में डॉमिनिक लापिए और लैरी कॉलिन्स की किताब 'फ्रीडम एट मिडनाइट' के हवाले से दावा किया गया है कि वीर सावरकर के नाथूराम गोडसे के साथ समलैंगिक संबंध थे।
इस बुकलेट में सावरकर के बारे में छपी टिप्पणियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी और शिव सेना के साथ-साथ विनायक सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने सख़्त आपत्ति की है।
शिव सेना नेता संजय राउत ने कांग्रेस सेवादल के बुकलेट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है, "सावरकर एक महान व्यक्ति थे। एक तबका उनके ख़िलाफ बोलता रहता है। वो चाहे जो भी लोग हों, ये उनके दिमाग की गंदगी दिखलाता है।"
वहीं, भाजपा के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा, "वीर सावरकर के बारे में महात्मा गांधी ने यंग इंडिया में उनकी तारीफ लिखी। इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री के तौर पर उनका टिकट जारी किया। उन्होंने यह भी लिखा कि वीर सावरकर महान योद्धा थे।"
कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा, "इस मामले में कांग्रेस की सोच वही है जो पूरे देश की है। सावरकर की भूमिका के बारे में जो इतिहास में दर्ज है वही हमारा भी कहना है।"
उन्होंने कहा, "भारतीय जनता पार्टी उन्हें भले वीर कहे लेकिन यह सच है कि जब उन्होंने अंग्रेजों से क्षमा याचना की तब कहीं जाकर वो जेल से बाहर आए। सावरकर टू नेशन थ्योरी के सबसे बड़े समर्थक थे।" वहीं, आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कांग्रेस का कहना है कि इस के बारे में सेवादल से बात की जाएगी।
पंकज चतुर्वेदी ने कहा, "इसके के बारे में सेवादल से पूछा जाएगा कि इसका सोर्स क्या है, कहां से उन्होंने ये चीजें ली हैं। क्योंकि कांग्रेस की संस्कृति किसी का अपमान करने की नहीं है और न ही हम किसी के प्रति अपत्तिजनक बातें करें।" बहरहाल इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के वजह से राज्य में कांग्रेस और भाजपा एक बार फिर आमने सामने आ गए हैं।