महाराष्ट्र के पुणे में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक धनंजय मुंडे के एक फ्लैट को शिवाजीराव भोसले सहकारी बैंक ने 70 लाख रुपये के ऋण का भुगतान न करने की वजह से जब्त कर लिया है। इसपर धनंजय मुंडे ने कहा कि मैंने चुनाव से पहले बैंक के अधिकारियों से कहा था कि मैं चुनाव में व्यस्त हूं और चुनाव के बाद मामला सुलझाऊंगा। मैं कल फैसला करूंगा कि उन्होंने क्या कार्रवाई की है।
महाराष्ट्र विधानसभा में बीड की परली विधानसभा सीट से धनंजय मुंडे ने अपनी चचेरी बहन भाजपा नेत्री पंकजा मुंडे को हराया था। पंकजा मुंडे ने परली विधानसभा सीट पर अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा था कि मैं हार की जिम्मेदारी लेती हूं। मैंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए काम किया। मैं, हालांकि सरकार में शामिल थी, लेकिन मेरे निर्वाचन क्षेत्र और लोगों के लिए हर मोर्चे पर मेरा संघर्ष जारी रहा।
पंकजा मुंडे के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार किया था, फिर भी ये तमाम प्रचार अभियान पंकजा की हार को नहीं रोक पाए। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार अपनी हार के पीछे की मुख्य वजह पंकजा मुंडे खुद ही हैं।
पिछले कुछ महीनों में पंकजा को उनकी करनी और उनके विवादित बयानों की वजह से आलोचना झेलनी पड़ी थी। अप्रैल में सूखे की मार झेल रहे लातूर में उनकी सेल्फी हो या फिर एक रैली में संविधान बदल देने की घोषणा संबंधी बयान हो, उनका कई विवादों में नाम आया था।