पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो को समर्थन देने की घोषणा की है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि एनसीपी राज्य की एनडीए सरकार में शामिल होगी कि नहीं। बताया गया है कि एनसीपी को अपने नवनिर्वाचित विधायकों की इच्छाओं के आगे झुकना पड़ा और भाजपा के सहयोग से बनी सरकार को समर्थन देने की घोषणा की।
एनसीपी अध्यक्ष पवार और सांसद सुप्रिया सुले के साथ बैठक के बाद पार्टी महासचिव नरेंद्र वर्मा ने कहा कि एनसीपी प्रमुख ने नगालैंड के व्यापक हित में मुख्यमंत्री रियो के नेतृत्व को स्वीकार करने का फैसला किया है। हालांकि, बुधवार को जारी किए गए एनसीपी के बयान में भाजपा का जिक्र नहीं किया गया, जो रियो की पार्टी एनडीपीपी की गठबंधन सहयोगी भी है। वर्मा ने अपने बयान में कहा कि पार्टी के पूर्वोत्तर प्रभारी के साथ चर्चा करने के बाद पवार ने नगालैंड के व्यापक हित में मुख्यमंत्री नेफियो रियो के नेतृत्व को स्वीकार करने का निर्णय लिया।
बता दें, हाल में संपन्न हुए नगालैंड विधानसभा चुनाव में विपक्षी दलों के बीच एनसीपी का प्रदर्शन सबसे अच्छा था। एनसीपी ने सिर्फ 12 सीटों पर चुनाव लड़ा और सात सीटों पर जीत हासिल की। कोहिमा में चार मार्च को एनसीपी विधायक दल की पहली बैठक में इस बात पर चर्चा हुई थी कि क्या पार्टी को सरकार का हिस्सा बनना चाहिए या मुख्य विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए। एनसीपी ने बयान में कहा है कि नव-निर्वाचित विधायकों और पार्टी की राज्य इकाई की राय थी कि एनसीपी को राज्य के हित और सीएम रियो के साथ विधायकों के अच्छे संबंध होने के कारण सरकार का हिस्सा बनाना चाहिए।
पिक्टो शोहे को एनसीपी विधायक दल का नेता बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी
वहीं, पवार ने एनसीपी विधायक पिक्टो शोहे को नगालैंड में पार्टी विधायक दल का नेता नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। शोहे 2018 में नगा पीपुल्स फ्रंट के टिकट पर विधायक चुने गए थे। बाद में वह रियो की एनडीपीपी में शामिल हो गए, लेकिन एनडीपीपी ने विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं दिया था, जिसके बाद वह एनसीपी में शामिल हो गए।