एनसीपी के नेता अजित पवार के बगावती तेवरों से ना केवल महाराष्ट्र की बल्कि देश की सियासत में भूचाल आ गया है। लोकसभा चुनाव से पहले इतने बड़े राजनीतिक घटनाक्रम ने विपक्षी दलों के नेताओं को भी अंदर तक हिला दिया है। भाजपा को पस्त करने की रणनीति बनाने वाले विपक्षी दलों के दिग्गज नेता अजित पवार की बगावत से सन्न हैं। इसी घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से फोन पर बात की। इस दौरान, दिग्गज नेताओं ने अपने समर्थन देने की पेशकश की।
शरद पवार ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें देश के विभिन्न जगहों से समर्थन मिल रहा है। उनके पास ममता बनर्जी और मल्लिकार्जुन खरगे का फोन आया था। इसलिए वह घटना को लेकर चिंतित नहीं हैं। विपक्षी नेताओं ने एनसीपी अध्यक्ष को ऐसे समय में समर्थन दिया है, जब उनके खिलाफ उनके ही भतीजे अजीत पवार ने विद्रोह कर दिया।
कल था महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बड़ा दिन
भाजपा की ‘वॉशिंग मशीन’ का काम शुरू: कांग्रेस
कांग्रेस ने कहा कि भाजपा की ‘वॉशिंग मशीन’ ने एक बार फिर से अपना काम शुरू कर दिया है। क्योंकि एनडीए में शामिल हुए एनसीपी के 40 में से कई नेता भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे थे। अब उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है।
अगले साल चुनाव में मिलेगा सबक
वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि भाजपा का ‘गंदी चाल वाला’ विभाग महाराष्ट्र में बढ़-चढ़कर उत्साह के साथ काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह वैध रूप से चुनी गई सरकार नहीं है, बल्कि जांच एजेंसियों द्वारा संचालित सत्ता हथियाने वाली सरकार है। महाराष्ट्र सरकार भ्रष्टाचार और पाप की उपज है। उन्होंने कहा कि जनता ने महाराष्ट्र के गद्दारों, भ्रष्ट और समझौतावादी नेताओं को अच्छी तरह से पहचान लिया है। उनमें से प्रत्येक को अगले चुनाव में उन्हें सबक सिखाया जाएगा।
महाविकास अघाड़ी को झटका
कांग्रेस महाविकास अघाड़ी गठबंधन का हिस्सा है, जिसमें शिवसेना (उद्धव ठाकरे) और एनसीपी भी शामिल है। पहले शिवसेना और अब एनसीपी में फूट महाविकास अघाड़ी के लिए सबसे बड़ा झटका है। महाराष्ट्र में अगले साल की दूसरी छमाही में विधानसभा चुनाव होने हैं।