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Maharashtra: शरद पवार बोले- न थका हूं और न रिटायर हुआ हूं, मैं एकदम फिट, बागी नेताओं पर भी कह दी बड़ी बात

Sat, 08 Jul 2023 11:08 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नासिक

सार

शरद पवार ने शनिवार कहा कि अगर अजीत पवार के नेतृत्व वाला विद्रोही गुट वापस आने का विचार करता है और पार्टी में लौटता है तो उन्हें कोई समस्या नहीं है।
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शरद पवार(फाइल) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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अजित पवार अपने चाचा शरद पवार को गच्चा देते हुए शिंदे गुट में शामिल हो गए और अब वह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री हैं। इस बीच शरद पवार ने शनिवार कहा कि अगर अजीत पवार के नेतृत्व वाला विद्रोही गुट वापस आने का विचार करता है और पार्टी में लौटता है तो उन्हें कोई समस्या नहीं है। शरद पवार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता का जिक्र करते हुए कहा कि मैं न तो थका हूं और न ही रिटाटर हुआ हूं और कहा कि अगर कोई फिट और स्वस्थ्य है, तो उम्र मायने नहीं रखती। 

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उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ जाने के लिए राकांपा के भीतर कई बार चर्चाएं हुई थीं और चर्चाएं हर समय होती रहती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भाजपा  साथ जाने का निर्णय कभी लिया गया था। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अजित और अन्य बागी नेताओं से वापस लौटने की अपील करेंगे तो शरद पवार बोले कि तनाव बढ़ाने के लिए मेरी ओर से कुछ नहीं किया जाएगा। अगर कोई पुनर्विचार करना चाहता है, तो कोई समस्या नहीं है।

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने एक मराठी कविता का जिक्र भी किया और कहा कि  ये नेता अब बच्चे नहीं रहे, शक्तिशाली हो गए हैं। आगे उन्होंने कहा कि नेशनलिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट की अलग-अलग जगहों पर संपत्तियां हैं और मैं इसका अध्यक्ष हूं। मेरे सहयोगियों ने अलग रुख अपनाया है और वे राजनीतिक रुख अपना सकते हैं। लेकिन मूल पार्टी या उसकी संपत्ति पर दावा करना सही नहीं है। मुझे लगता है कि वे इससे परहेज करेंगे, वे अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनेंगे।
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार शनिवार को महाराष्ट्र के नासिक जिले के येवला में अपनी रैली की। नासिक छगन भुजबल का गढ़ भी है। रैली के बाद मीडिया ने उनसे भुजबल की वफादारी पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि 'मुझे बुरा लग रहा है क्योंकि मैं इसका आकलन नहीं कर पाया कि ऐसा भी हो सकता है और मैं भुजबल को दोष नहीं देता। 

बता दें कि 1990 के दशक में भुजबल ने शिवसेना छोड़ दी और कांग्रेस में शामिल हो गए। बाद में जब शरद पवार ने नई पार्टी बनाई तो वह राकांपा में शामिल हो गए। शरद पवार ने याद दिलाया कि जब भुजबल शिवसेना छोड़ने के बाद मुंबई में चुनाव हार गए, तो नासिक में उनके लिए एक सुरक्षित सीट ढूंढी गई क्योंकि यह सोचा गया था कि उन्हें विधानसभा में होना चाहिए। 

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