कांग्रेस नेता राहुल गांधी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पहुंचे। इस दौरान केसी वेणुगोपाल भी मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक, बैठक में विपक्षी एकता को लेकर चर्चा हुई। नेताओं ने अगले साल यानी 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा को चुनौती देने के लिए रणनीति बनाने पर बात की। पवार की यह बैठक ऐसे वक्त हो रही है, जब उनके हालिया बयान कांग्रेस के पक्ष में नहीं रहे थे और उनके भतीजे अजित पवार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी।
खरगे-पवार ने क्या कहा?
बैठक के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि देश और लोकतंत्र को बचाने के लिए और संविधान को सुरक्षित रखने के लिए, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों के लिए हम एक होकर लड़ने के लिए तैयार हो गए हैं। एक-एक करके हम सबसे बात करेंगे। मैं चाहता हूं कि हम मिलकर देश के हित में काम करें और यही विचार पवार साहब का भी है। शरद पवार ने कहा कि विपक्ष को एक करने की एक प्रक्रिया चालू हुई है। हम सब पार्टियां इस प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष को साथ लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सभी पार्टियां इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।
नीतीश भी खरगे से मिलने पहुंचे थे
इससे पहले बिहर के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष खरगे से मिलने पहुंचे थे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी मौजूद थे। यहां पूर्व सांसद राहुल गांधी से उनकी केंद्र में विपक्ष की एकता को लेकर लंबी बातचीत हुई थी। नीतीश ने राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी मुलाकात की थी। इस दौरान सभी ने भाजपा के खिलाफ एकजुट होने के लिए प्रयास करने की बात दोहराई थी।