एनसीएमसी की यह बैठक चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों की एजेंसियों की तैयारी की समीक्षा के लिए थी। बता दें कि चक्रवाती तूफान के 18 मई की सुबह गुजरात के तट पर दस्तक देने की उम्मीद है। इस दौरान 150 से 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने और भारी बारिश होने होने की आशंका है।
कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की रविवार को एक बैठक हुई। इसमें देश के शीर्ष नौकरशाह ने एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि चक्रवात ‘ताउते’ के कारण प्रभावित राज्यों में कोविड अस्पतालों का कामकाज निर्बाध रूप से चलता रहे और कोई जनहानि न हो।
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इस संबंध में सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि बैठक में विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारी, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के मुख्य सचिव तथा केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप, दादरा और नगर हवेली तथा दमन एवं दीव के प्रशासकों ने हिस्सा लिया।
गौबा ने कहा कि चक्रवात प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सभी उपाय किए जाने चाहिए जिससे किसी तरह की जनहानि या नुकसान न हो। कैबिनेट सचिव ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे प्रभावित राज्यों को जरूरी सहायता मुहैया कराने के लिए समन्वय में काम करें।
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बयान में राजीव गौबा के हवाले से कहा गया, 'अस्पतालों और कोविड केंद्रों के संचालन में किसी भी तरह की बाधा से बचने और मरीजों को निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाने होंगे।' उन्होंने कहा, बिजली, टेलीकॉम और अन्य जरूरी सेवाओं की बहाली के लिए इंतजामों की तैयारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।'