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मदरसों में आईएएस अधिकारी बनते हैं, आतंकी नहीं : एनसीएम प्रमुख

Mon, 15 Jan 2018 02:51 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
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MADARSA
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राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) के अध्यक्ष ने रविवार को शिया बोर्ड के प्रमुख वसीम रिजवी की विवादित टिप्पणी का खंडन करते हुए कहा कि इस्लामिक संस्थान आईएएस पैदा करते हैं, आतंकी नहीं। दरअसल रिजवी ने एक विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था कि ‘मदरसे आतंकी पैदा करते हैं।’ एनसीएम प्रमुख सइयद घयोरुल हसन रिजवी ने कहा कि यह एक हास्यास्पद बयान है जो कि सरकार से शाबासी लेने के लिए दिया गया है। 
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उन्होंने कहा कि मदरसों को आतंक से जोड़ने जैसा बयान देना बेहद ही हास्यास्पद और बचकाना है। एक या दो अलग-अलग मामलों का इस्तेमाल करके मदरसों को बदनाम नहीं किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि आजकल मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे आईएएस अधिकारी बन रहे हैं और अनेक क्षेत्रों में प्रसिद्धि हासिल कर रहे हैं। मदरसे आतंकी पैदा नहीं करते बल्कि आईएएस पैदा करते हैं। उत्तर प्रदेश के देवबंद से आने वाले वसीम-उर-रहमान ने 2008 में यूपीएससी पास किया था और उनकी रैंकिंग 404 थी। 

पढ़ें- 8 राज्यों में अल्पसंख्यक हैं हिंदू, NCM ने मामले को लॉ कमीशन के पास भेजा
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जमीयत उलमा-ए-हिंद ने रिजवी को दिया था नोटिस 

मदरसा - फोटो : SOCIAL MEDIA
वहीं मध्य प्रदेश के मऊ में स्थित मदरसा अली अरबिया से निकले मौलाना हम्माद जफर ने 2013 में यूपीएससी परीक्षा पास की थी। बता दें कि शिया बोर्ड के अध्यक्ष ने 9 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि मदरसे आतंकी पैदा करते हैं और इस्लामिक संस्थाओं को बंद करने की मांग की थी। एनसीएम प्रमुख ने कहा कि रिजवी के पत्र से मदरसों के प्रति सरकार के रुख में कोई परिवर्तन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इसके बजाय सरकार मदरसों का आधुनिकीकरण करना चाहती है। 


जमीयत उलमा-ए-हिंद ने विवादित टिप्पणी को हवाला देते हुए वसीम रिजवी को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में रिजवी से लिखित और बिना शर्त माफी की मांग के साथ समुदाय को हुए नुकसान के लिए 20 करोड़ रुपये का हर्जाना भी मांगा गया है।
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