एनसीईआरटी ने कहा है कि यूपी-हरियाणा समेत कई राज्यों में बीते 14 महीने तक चली कार्रवाई के दौरान पांच लाख नकली पाठ्यपुस्तकों को जब्त किया गया है। पुलिस के पास रिकॉर्ड 29 एफआईआर दर्ज कराई गई है। एनसीईआरटी ने बताया कि राज्यों में कार्रवाई के दौरान जब्त पुस्तकें, कागज और मशीनें का मूल्य लगभग 20 करोड़ रुपये आंका गया है।
नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) की पुस्तकों का बड़े पैमाने पर देशभर के स्कूलों में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, एक चौंकाने वाले मामले में पांच लाख नकली पाठ्यपुस्तकों की पहचान कर पुलिस के पास मामला दर्ज कराया गया है। बीते 14 माह में हुई यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश, हरियाणा समेत कई राज्यों में हुई है।
विज्ञापन
20 करोड़ रुपये से अधिक का मामला, अब तक 29 एफआईआर दर्ज
एनसीईआरटी ने पिछले 14 महीनों में 20 करोड़ रुपये से अधिक की पांच लाख नकली पाठ्यपुस्तकें, भारी मात्रा में छपाई कागज और मशीनें जब्त की हैं। एनसीईआरटी ने सोमवार को कहा कि विभिन्न राज्यों की पुलिस की मदद से इस दौरान नकली पाठ्यपुस्तकों के गोदाम मालिकों और खुदरा विक्रेताओं के खिलाफ रिकॉर्ड 29 एफआईआर दर्ज की गईं।
यूपी के मुजफ्फरनगर में गोदाम पर छापेमारी
एनसीईआरटी के मुताबिक, उसने पाठ्यपुस्तकों की चोरी के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई है, जो कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के तहत एक संज्ञेय अपराध है। ऐसे अपराधियों के खिलाफ अपने अभियान के तहत एनसीईआरटी ने यूपी पुलिस के साथ मुजफ्फरनगर में एक गोदाम पर छापा मारा और 2 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 1.5 लाख से अधिक एनसीईआरटी की नकली पाठ्यपुस्तकें जब्त की गईं।
हरियाणा में भी छापेमारी, नकली किताबों पर नकेल के लिए क्यूआर कोड...
मुजफ्फरनगर में किताबों से भरा एक ट्रक और दो कारें, साथ ही बड़ी संख्या में प्रिंटिंग प्लेटें भी जब्त कीं। इसी क्रम में समालखा (हरियाणा) में एक प्रिंटिंग प्रेस पर भी छापा मारा गया और बड़ी संख्या में प्रिंटिंग प्लेट और मशीनरी जब्त की गईं। एनसीआरटी के मुताबिक, नकली पाठ्यपुस्तकों पर काबू पाने के लिए आईआईटी कानपुर में विकसित प्रौद्योगिकी-आधारित एंटी-पायरेसी समाधान क्यूआर कोड को पाठ्यपुस्तकों में शामिल किया जा रहा है।