राष्ट्रीय पर्वतारोहण एवं साहसिक खेल संस्थान (निमास) नोड में बेसिक पैरामोटर कोर्स की शुरुआत की है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टि. कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि उत्तर-पूर्व क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से आए 50 एनसीसी कैडेट्स 4 मई से 19 मई 2026 तक इस विशेष बेसिक पैरामोटर ट्रेनिंग में हिस्सा ले रहे हैं।
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NCC- गुवाहाटी में पहली बार बेसिक पैरामोटर ट्रेनिंग
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) ने एडवेंचर ट्रेनिंग के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए असम के गुवाहाटी स्थित राष्ट्रीय पर्वतारोहण एवं साहसिक खेल संस्थान (निमास) नोड में बेसिक पैरामोटर कोर्स की शुरुआत की है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय पर्वतारोहण एवं साहसिक खेल संस्थान (निमास) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विरेंद्र वत्स ने सोमवार को एनसीसी नॉर्थ ईस्टर्न रीजन डायरेक्टोरेट के दौरे के दौरान पनिकेठी स्थित निमास पैरामोटर नोड में चल रहे प्रशिक्षण का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 50 वरिष्ठ डिवीजन के एनसीसी कैडेट्स के प्रशिक्षण को देखा और उनकी उड़ान गतिविधियों का जायजा लिया।
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डीजी एनसीसी ने लिया ट्रेनिंग का जायजा
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50 कैडेट्स ले रहे विशेष प्रशिक्षण
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टि. कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि उत्तर-पूर्व क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से आए 50 एनसीसी कैडेट्स 4 मई से 19 मई 2026 तक इस विशेष बेसिक पैरामोटर ट्रेनिंग में हिस्सा ले रहे हैं। यह अपने तरह का पहला विशेष कोर्स है, जिसका उद्देश्य युवाओं में साहसिक खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना और 'एडवेंचर, डिसिप्लिन और करेज' की भावना को मजबूत करना है।
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गुवाहाटी में पहली बार बेसिक पैरामोटर ट्रेनिंग
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प्रशिक्षण में क्या-क्या शामिल?
लेफ्टि. कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि इस कोर्स में कैडेट्स को ग्राउंड हैंडलिंग, मोटर ऑपरेशन, फ्लाइट थ्योरी, इमरजेंसी प्रोसीजर और सोलो फ्लाइंग की ट्रेनिंग दी जा रही है। सभी प्रशिक्षण कड़े सुरक्षा मानकों के तहत अनुभवी प्रशिक्षकों की निगरानी में कराया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान डीजी एनसीसी ने कैडेट्स से बातचीत की और उनके प्रशिक्षण प्रदर्शन को देखा। उन्होंने पैरामोटर फ्लाइंग का लाइव डेमो भी देखा और प्रशिक्षण ढांचे की समीक्षा की।
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कैडेट्स को मिलते हैं पंख
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'कैडेट्स को मिलते हैं पंख'
इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल विरेंद्र वत्स ने कहा, पैरामोटर ट्रेनिंग कैडेट्स को सचमुच और प्रतीकात्मक दोनों रूपों में उड़ान भरने का अवसर देती है। यह आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और एनसीसी के 'टच द स्काई विद ग्लोरी' के आदर्श को मजबूत करती है। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में इस तरह के एडवेंचर कोर्स पूरे देश के एनसीसी कैडेट्स, जिसमें महिला कैडेट्स भी शामिल होंगी, के लिए आयोजित किए जाएंगे।
एनसीसी का नया फोकस
एनसीसी का यह पहल भारत के युवाओं के लिए उच्च स्तरीय एडवेंचर ट्रेनिंग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल साहसिक खेलों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि कैडेट्स में नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता भी विकसित होगी।