नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अब मादक पदार्थों से जुड़े जटिल अपराधों की गुत्थी सुलझाने के लिए विशेषज्ञों की सेवाएं लेने का फैसला किया है। एनसीबी अब वित्त विशेषज्ञों व फोरेंसिक ऑडिटरों की मदद लेकर डार्क वेब व क्रिप्टो करंसी से जुड़े मादक पदार्थों के कारोबार की पड़ताल करेगा।
पिछले साल, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के प्रमुख एस एन प्रधान ने निर्देश दिया था कि एजेंसी के अधिकारियों को केवल अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय असर वाले मामलों, जटिल जांच और हाई प्रोफाइल गठजोड़ तथा गिरोहों से जुड़े मामलों की जांच करना चाहिए। उन्होंने ब्यूरो की जांच इकाइयों से कहा कि वे मादक पदार्थों के मामलों से जुड़े लेनदेन की समुचित जांच करें और सक्षम अदालतों में आरोप पत्र समय पर दाखिल करें।
ये दिशा निर्देश ऐसे वक्त आए हैं जब एनसीबी की मुंबई इकाई ड्रग्स आन क्रूज मामले समेत कई केस से जूझ रही है। पिछले साल एनसीबी मुंबई ने अभिनेता शाहरूख खान के बेटे आर्यन खान समेत 20 लोगों को मुंबई गोवा शिप से गिरफ्तार किया था। इन पर जहाज में ड्रग पार्टी करने का आरोप है।
एनसीबी ने परामर्श सेवाएं देने वाली कंपनियों को ड्रग्स कारोबार से जुड़े वित्तीय लेनदेन की चेन को पकड़ने व वित्तीय जांच को लेकर प्रभावी दिशा निर्देश मुहैया कराने के लिए तैनात करने का आदेश जारी किया है। ये विशेषज्ञ कंपनियां एनसीबी के पास मौजूद विभिन्न डाटा बेस व वित्तीय रिकॉर्ड के विश्लेषण का काम भी करेंगी।
ये कंपनियां जांच कर्ताओं को किसी आरोपी द्वारा अवैध तरीके से की गई कमाई का पता लगाने में भी मदद करेगी। आरोपी की आय व खर्चों का पता लगाकर यह पड़ताल की जाएगी। विशेषज्ञ एनसीबी टीमों को फोरेंसिक ऑडिट करने, रिपोर्ट और दस्तावेजों की जांच करने और बैंक स्टेटमेंट का विश्लेषण करने तथा आरोपी उसके सहयोगियों और परिवार के सदस्यों की अवैध आय का पता लगाने में भी मदद करेंगे।
शुरुआत में इन वित्तीय विशेषज्ञों को दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, मुंबई, चंडीगढ़, बेंगलुरु और गुवाहाटी में एनसीबी के क्षेत्रीय कार्यालयों से संबद्ध किया जाएगा। देश में मादक पदार्थों की तस्करी में क्रिप्टो करंसी का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। आनलाइन कारोबार होने के कारण ड्रग्स चेन का पता लगाना एनसीबी के लिए मुश्किल हो रहा है। ऐसे में विशेषज्ञ सेवाओं से जांच में तेजी आ सकेगी।