डार्कनेट दरअसल इंटरनेट का ही 96 फीसदी हिस्सा है जिसे पकड़ना मुश्किल होता है। अपराधी इसके जरिये बड़ा अपराध करके भी खुफिया एजेंसियों से बचे रहते हैं। डार्कनेट के जरिये अपराधी गोपनीय तरीके से अवैध धंधों को अंजाम देते हैं। डार्कनेट पर होने वाला हर लेनदेन केवल वर्चुअल मनी के जरिये ही होता हैे। दुनिया में डार्कनेट से होने वाले अपराधों में 63 फीसदी अपराध केवल नशीले पदार्थों की तस्करी से ही जुड़े होते हैं।
इंटरनेट पर आसानी से ट्राउ ब्राउजर डाउनलोड कर डार्कनेट अकाउंट बनाया जा सकता है। गैरकानूनी तरीके से कमाई करने का आसान तरीका होने के कारण युवा सबसे ज्यादा डार्कनेट का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि कई एजेंसियां डार्कनेट का इस्तेमाल करके ही कई बड़े आपराधिक मामलों की तह तक पहुंच पाते हैं। अमेरिकी नौसेना ने सबसे पहले डार्कनेट का इस्तेमाल कर अपने ऑपरेशन को अंजाम दिया था।